फरीदाबाद के स्कूलों में मिड-डे मील पर सख्ती, एक्सपायरी मिल्की बार पर शिक्षा विभाग का एक्शन; जिम्मेदारी तय
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/MILKIBAR-1771749966079_m.webpNIT स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में मिल्की बार दिखाते हुए विद्यार्थी। जागरण आर्काइव
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी गई एक्सपायरी मिल्की बार की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूल मुखिया को पत्र जारी किया गया है। स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाली मिल्की बार को खिलाने की जिम्मेदारी कक्षा इंचार्ज की होगी।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को मिल्की बार, इंस्टेंट खीर और पिन्नी बांटते हुए एक्सपायरी डेट की जांच की जाएगी। यदि किसी स्कूल में लापरवाही बरती जाती है, तो कार्रवाई स्कूल मुखिया के खिलाफ होगी।
1.25 लाख से अधिक विद्यार्थी
जिला के 378 राजकीय प्राथमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में 1.25 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें करीब 80 हजार बाल वाटिका से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या है। जिन्हें प्रतिदिन पोषण योजना के तहत मिड डे मील परोसा जाता है।
विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें सप्ताह में एक दिन पिन्नी, एक दिन इंस्टेंट खीर, दूध और एक दिन मिल्की बार दिया जाता है। जिससे बच्चों को संपूर्ण पोषण मिल सके।
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बीते दिनों कुछ अभिभावकों ने शिकायत की थी कि बच्चों को एक्सपायरी मिल्की बार दी गई है, जिसपर संज्ञान लेते हुए विभाग ने स्कूलों को पत्र जारी किया है।
अनदेखी करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि कक्षा में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में बची हुई मिल्की बार और पिन्नी को अगले दिन दिया जाए। इसके बाद भी यदि बच जाती है तो एक्सपायरी होने से पहले विद्यार्थियों को सप्ताह दो दिन वितरित कर दी जाए।
पत्र जारी होने के बाद भी यदि किसी सरकारी स्कूल में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है या फिर लापरवाही बरती जाती है तो शिक्षा विभाग स्कूल मुखिया पर कार्रवाई करेगा।
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पोषण योजना के तहत राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को मिड डे मील तथा पोषाहार दिया जाता है। किसी भी स्कूल में एक्सपायरी मिल्की बार या फिर अन्य खाद्य पदार्थ देने की शिकायत मिलने पर स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों को पत्र जारी कर सावधानी बरतने तथा तिथि की जांच करके विद्यार्थियों को खाद्य पदार्थ देने के आदेश दिए गए हैं।
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बसंत कुमार ढिल्लो, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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