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साइबर क्राइम में पकड़े आरोपियों में से सिर्फ 1% पर दोष सिद्ध, झारखंड विधानसभा में उठा पुलिस पर सवाल

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राज्य ब्यूरो, रांची। बिहार में साइबर अपराध में वर्ष 2023 से 2025 तक कुल 3,804 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 3,057 अपराधी गिरफ्तार तो हुए, लेकिन महज 55 ही दोष सिद्ध किए जा सके। मामले में गिरफ्तार 521 व्यक्ति कोर्ट द्वारा दोषमुक्त कर दिए गए।

पुलिस प्रशासन द्वारा अपराधियों को दोष सिद्ध नहीं कर पाने को लेकर झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने सवाल उठाए। शनिवार को अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से पूछे गए सवाल में प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद द्वारा यह जानकारी दिए जाने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि इतनी बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के बाद भी लोग दोषमुक्त हो गए।

उन्होंने सवाल उठाया कि सबूत जुटाने में पुलिस फेल रही या फिर पुलिस ने निर्दोष को गिरफ्तार कर लिया जा रहा है। कहा कि पुलिस साक्ष्य जुटा नहीं पाती, इसलिए अपराधी कोर्ट से दोषमुक्त हो जाते हैं।

उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि इसमें लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की सरकार के पास कोई कार्य योजना है या नहीं। उन्होंने पुलिस के प्रशिक्षण व जन जागरुकता की भी जानकारी मांगी।

जवाब में मंत्री ने कहा कि सभी साइबर थानों में प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है तथा जनजागरुकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। 95 प्रतिशत अपराधियों को पकड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि विदेश से अपराध संचालित हो रहा है। साइबर अपराध को रोकने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। मंंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2024-25 में अभियान चलाकर विभिन्न जिलों में 27,015 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती को नष्ट किया गया है।

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