गाजियाबाद में GDA का मिश्रित भू-उपयोग मॉडल लागू, प्रदूषण होगा कम और विकास पकड़ेगा रफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/Jagran-News-(585)-1771728136658_m.webpगाजियाबाद विकास प्राधिकरण। जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए जीडीए ने मिश्रित उपयोग की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू कर दिया है। इस परिवर्तन से शहर में तेजी से बढ़ती आबादी, सीमित भूमि संसाधन और यातायात दबाव भी कम होगा और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
प्राधिकरण ने मिश्रित भू-उपयोग विकास के लिए एक ही भूखंड, भवन या क्षेत्र में आवासीय, वाणिज्यिक, कार्यालय, संस्थागत एवं मनोरंजन जैसे दो या अधिक भू-उपयोग को लागू किया है।
वहीं, जानकारी देते हुए जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि इससे संतुलित भूमि का अधिकतम उपयोग, अनावश्यक आवागमन में कमी और लोगों को दैनिक आवश्यकताओं की सुविधाएं एक जगह उपलब्ध कराना है।
मिश्रित उपयोग विकास से लोगों को आवास, रोजगार, खरीदारी, शिक्षा और मनोरंजन के लिए दूर-दराज यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे ईंधन की बचत के साथ ही प्रदूषण में भी कमी आएगी।
मधुबन आवासीय योजना के मिश्रित उपयोग भूखंडों के पंजीकरण के लिए 25 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जबकि 18 मार्च 2026 को नीलामी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा।
विकास मानकों में लचीलापन
जीडीए ने मिश्रित उपयोग विकास के लिए मानकों को बेहद लचीला बनाया है। इनमें भवन ऊंचाई और न्यूनतम भूखंड क्षेत्रफल पर कोई प्रतिबंध नहीं, पार्किंग व्यवस्था उपयोग मिश्रण के अनुसार तथा एफएआर के लिए बेस और प्रीमियम क्रय की सुविधा भी शामिल है।
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भू-मिश्रित उपयोग नियम के तहत 24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर मुख्य उपयोग के लिए अतिरिक्त एफएआर की शर्तें भी लागू होंगी।
मिश्रित उपयोग के स्थल
[*]स्वीकृत ले-आउट में चिह्नित भूखंड, मधुबन आवासीय योजना के पाकेट ए और बी
[*]18 मीटर से कम चौड़ी अधिसूचित बाजार स्ट्रीट (निर्धारित शर्तों के साथ)
[*]24 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर स्थित भूखंड
[*]टीओडी (ट्रांजिट आरिएंटेड डवलपमेंट) जोन
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