त्रियुगीनारायण मंदिर में शीतकाल में उमड़ी भक्तों की भीड़, 47 हजार से अधिक ने किए दर्शन
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/pilgrims-visited-Triyuginarayan-temple-during-the-winter-season-1771697539542_m.webpत्रियुगीनारायण मंदिर में दर्शनों के उमड़ी भक्तों की भीड़ । जागरण
संवाद सूत्र, गौरीकुंड (रुद्रप्रयाग)। केदारघाटी स्थित शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण मंदिर में शीतकालीन यात्रा धीरे-धीरे परवान चढ़ने लगी है। इस बार दर्शनों को लेकर तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
शीतकाल में इस वर्ष रिकार्ड साढ़े 47 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर में पूजा-अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना की।
बता दें कि, देशभर में वेडिंग डेस्टिशन के नाम से विख्यात त्रियुगीनारायण मंदिर में श्रद्धालु वर्षभर दर्शनों को पहुंचते हैं। इस पवित्र पौराणिक स्थल पर शादी के शुभ मुहूर्त में बड़ी तादात में नवयुगल शादी के बंधन में बंधते हैं।
शीतकाल में अब तक 47,868 तीर्थयात्रियों ने त्रियुगीनारायण मंदिर के दर्शन किए हैं। इससे पर्यटन, तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन व्यवसायियों की आर्थिकी में भी सुधार हुआ है।
मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान शिव और माता पार्वती ने अखंड धनंजय नाम अग्नि कुंड के सात फेरे लिए थे। यह अखंड अग्नि युगों से प्रज्वलित हो रही है।
आज भी नवयुगल इस पवित्र स्थान पर शादी के बंधन में बंधकर भगवान शिव और माता पार्वती की भांति खुशमय जीवन की कामना का आशीर्वाद ले रहे हैं।
मंदिर प्रबंधक अजय शर्मा ने बताया कि त्रियुगीनारायण मंदिर में 24 अक्टूबर से 21 फरवरी तक 47,868 तीर्थयात्रियों ने पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी है। शीतकाल में भारी वृद्धि देखने को मिली है, जबकि विगत वर्ष शीतकाल में यह आंकड़ा 40 हजार पर सिमट गया था।
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