शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के बढ़े मानदेय के लिए हर साल 1480 करोड़ खर्च करेगी योगी सरकार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/CM-Yogi-1771694166530_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय को भुगतान करने के लिए सरकार को हर वर्ष 1480 करोड़ रुपये अधिक की राशि अतिरिक्त खर्च करनी होगी। इसको केंद्र व राज्य सरकार द्वारा मिलकर वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मानदेय बढ़ाने की घोषणा के बाद इसकी तैयारी शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को विधानमंडल सत्र के दौरान विधानसभा में शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की घोषणा की थी। दोनों को मानदेय का भुगतान प्रति शैक्षिक सत्र के 11 माह के लिए किया जाता है।
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एक अप्रैल से बढ़ा हुआ मानदेय लागू हो जाएगा। प्रदेश में वर्तमान में 1,43,450 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। वर्तमान में उन्हें 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। मानदेय बढ़ने पर 1,262.36 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय अतिरिक्त होगा। वहीं 24,781 अंशकालिक अनुदेशकों को नौ हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। राशि बढ़ने पर वार्षिक अतिरिक्त वित्तीय व्यय लगभग 218.07 करोड़ रुपये होगा।
होली से पहलेे मिलेगा फरवरी का मानदेय
शिक्षा विभाग ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के फरवरी के मानदेय का भुगतान होली के पर्व से पहले करने का निर्णय लिया है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं।
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