cy520520 Publish time 1 hour(s) ago

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बढ़ाया बड़ा कदम, AI आधारित देश का पहला उपक्रम

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/UPSRTC-Dainik-Jagran--1771682561606_m.webp

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी यूपी रोडवेज



धर्मेश अवस्थी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी यूपी रोडवेज पहली बार बसों का प्रिडेक्टिव मेंटीनेंस (पूर्वानुमान आधारित मरम्मत) कराएगा, यानी खराबी आने से पहले बसों की निगरानी करके उन्हें दुरुस्त कराया जा सकेगा। इस बड़ी पहल का आधार बनी है आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीक।

अहम है कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने यूपी को डिपो मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने स्वीकृति दी है। एआइ आधारित डिपो प्रबंधन लागू करने वाला यूपी देश का पहला राज्य होगा। अभी परिवहन निगम की 15 से 30 प्रतिशत बसों का मरम्मत के अभाव में संचालन नहीं होता है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 के नवंबर माह में निगम के बेड़े में 11448 बसें थीं और उनमें 9380 का संचालन हुआ, जबकि 2068 बसें कार्यशालाओं में ही खड़ी रही।

कमोबेश ऐसी समस्या निगम में अब भी बरकरार है। इसी तरह से ईंधन का उपयोग, बसों की उपलब्धता व शेड्यूलिंग और वर्कशाप की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना बड़ी चुनौती रही है। इससे उबरने के लिए परिवहन निगम ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व मशीन लर्निंग आधारित डिपो मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया, ताकि बस डिपो का दैनिक संचालन स्मार्ट तरीके से हो सके। इसी सिस्टम के तहत बसों का प्रिडेक्टिव मेंटीनेंस होना है।
सुगम एप से ड्राइवरों व कंडक्टरों की ड्यूटी

निगम ने 40 हजार से अधिक ड्राइवरों व कंडक्टरों की ड्यूटी लगाने की पुरानी व्यवस्था को कुछ दिन पहले ही बदला है। अब सुगम एप के जरिए ड्यूटी लगाई जा रही है। यह व्यवस्था नए सिस्टम का हिस्सा है, निगम अभी इसे अपने संसाधन से कर रहा, कुछ माह बाद एआई के माध्यम से यह बड़े फलक पर संचालित होगा। इस व्यवस्था की खामी यही थी कि ड्यूटी लगने के बाद भी कर्मचारी संबंधित गंतव्य पर नहीं जाते थे, अब इसकी आसानी से निगरानी हो रही।
अक्टूबर 2025 में लगी थी मुहर

यूपी परिवहन निगम ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से संचालित सेंट्रल असिस्टेंस फार स्ट्रेंथिंग स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस व मशीन लर्निंग आधारित डिपो मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करके केंद्र को भेजा। मंत्रालय के समक्ष 15 अक्टूबर 2025 को निगम के प्रधान प्रबंधक आइटी यजुवेंद्र सिंह ने प्रजेंटेशन दिया। इसमें बताया गया कि बस डिपो का प्रबंधन डिजिटल व डेटा आधारित होगा। मंत्रालय ने यूपी के प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद इसे स्वीकृति के साथ 30 करोड़ रुपये भी मंजूर किया है। अब निगम इस कार्य के लिए तकनीकी सेवा प्रदाता का चयन करने जा रहा है।
इन क्षेत्रों में होगा उपयोग

ईंधन उपयोग में कमी को एआइ आधारित विश्लेषण, ड्राइवरों व कंडक्टरों की ड्यूटी की प्लानिंग, बसों की उपलब्धता व शेड्यूलिंग का स्वचालित प्रबंधन, वर्कशाप गतिविधियों की डिजिटल निगरानी व स्पेयर पार्ट्स इन्वेंट्री का प्रबंधन होगा।
ये होंगे लाभ

बसों की वर्कशाप में खड़े रहने की अवधि कम होगी और संचालन दक्षता बढ़ेगी। एआइ माडल के तहत डिपो में किस बस की कब सर्विसिंग की आवश्यकता है, किन डिपो में संसाधनों का दबाव अधिक है, ईंधन व रखरखाव लागत कहां कम की जा सकती है। डिजिटल कमांड व कंट्रोल सिस्टम से बसों का आवागमन होगा।
नई तकनीक की बसें बनी मददगार

निगम के बेड़े में इस समय 13 हजार से अधिक बसें हैं। प्रतिदिन 15 लाख से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। अधिकांश बसें बीएस-6 व बीएस-4 माडल की हैं। इन बसों में खराबी का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है, क्योंकि बसों में उन्नत इलेक्ट्रानिक कंट्रोल यूनिट और सेंसर लगे होते हैं, जो गाड़ी के स्वास्थ्य की निगरानी करते हैं। उल्लेखनीय है कि आन-बोर्ड डायग्नोस्टिक्स (ओबीडी) बीएस-6 वाहनों में अनिवार्य है। यह सिस्टम खराबी आने से पहले चेतावनी देता है। ऐसे ही टेलीमैटिक्स डिवाइस बस के इंजन, ब्रेक व अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों से डेटा सीधे क्लाउड पर भेजते हैं, ताकि खराब होने से पहले ही संभावित खराबी का पता लग सके। ऐसे ही डीपीएफ (डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर) में जमा कालिख की निगरानी करता है।

यह भी पढ़ें- होली पर यूपी में चलेंगी स्पेशल बसें, कर्मचारियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
बस डिपो संचालन होगा आधुनिक

प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य बस डिपो संचालन को आधुनिक, डिजिटल व डेटा-आधारित बनाना है। स्वीकृति व 30 करोड़ रुपये मिलने के बाद निगम अब शीघ्र परियोजना क्रियान्वयन के लिए तकनीक एजेंसी का चयन करेगा।

यह भी पढ़ें- यूपी रोडवेज ने बदले नियम: होली पर अब 60% यात्री होने पर ही चलेंगी बसें, कर्मचारियों को मिलेगा बोनस

इस पहल के साथ यूपीएसआरटीसी देश का पहला राज्य परिवहन उपक्रम बनने की दिशा में अग्रसर है, जो डिपो प्रबंधन में एआई का व्यापक उपयोग करके अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
Pages: [1]
View full version: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बढ़ाया बड़ा कदम, AI आधारित देश का पहला उपक्रम