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झारखंड में हाथियों के हमले पर नई एसोपी, मोबाइल वेटरीनरी यूनिट और बढ़ेगा मुआवजा

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विधानसभा में हाथियों के हमले पर चर्चा। शीघ्र बनेगा रेस्क्यू सेंटर।



राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड सरकार घायल हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों के लिए दो मोबाइल वेटरीनरी यूनिट की व्यवस्था करेगी। इस मोबाइल यूनिट के माध्यम से घायल हाथियों को रेस्क्यू सेंटर तक पहुंचाया जाएगा।

राज्य सरकार हाथियों के हमले को रोकने तथा जानमाल के नुकसान पर 10 दिनों के भीतर मुआवजा भुगतान के लिए एसओपी भी तैयार कर रही है।

वर्तमान में जानमाल के नुकसान पर चार लाख रुपये मुआवजा का प्रविधान है, जिसे बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए सदन में कहा कि हाल के दिनों में हाथियों के हमले बढ़े हैं, जिसके कई कारण हैं।

पर्यावरण भी कारण है तथा मानव विचार में भी बदलाव देखा जा रहा है। सरकार की चिंता सिर्फ हाथियों को लेकर ही नहीं, बल्कि अन्य वन्य जीवों लकड़बग्घा, तेंदुआ, सांप आदि को लेकर भी है।

सरकार इन सभी चीजों को एक साथ लेते हुए एक मजबूत मैकेनिज्म तैयार कर रही है। पीड़ित परिवार को कैसे जल्द मुआवजा मिले तथा पदाधिकारी कम से कम समय में घटना स्थल पहुंचे, इसे सुनिश्चित किया जाएगा।

मुआवजा राशि पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में यह राशि अलग-अलग है। जहां घटना कम होती है, वहां मुआवजा राशि अधिक है। राज्य सरकार भी इसपर गंभीर है।

हाल ही में वन एवं पर्यावरण विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसपर हम ठोस कदम के साथ आगे बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2020-21 से लेकर अबतक के हाथियों के हमले के ट्रेंड का अध्ययन कर रही है। उन्होंने अवैध माइनिंग पर सख्ती से कार्रवाई की भी बात कही।

शीघ्र बनेगा रेस्क्यू सेंटर, प्रमंडलों में गठित होगी क्यूआरटी

इससे पहले विधायक रामेश्वर उरांव ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में सवाल किया कि राज्य सरकार हाथियों के हमले से मौत पर मुआवजा राशि बढ़ाने का विचार रखती है या नहीं।

ओडिशा में यह 10 लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक एलिफैंट रेस्क्यू सेंटर नहीं है। क्विक रेस्पांस टीम भी दो या तीन है। वनों की सघनता घट रही है, जिससे हाथियों को पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा।
सभी प्रमंडल में क्विक रिस्पांस टीम का गठन

जवाब में प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही एक रेस्क्यू सेंटर बनेगा। साथ ही पांचों प्रमंडलों में क्विक रेस्पांस टीम गठित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इसका भी अध्ययन करा रही है कि कौन सा प्लांट लगाया जाए जिससे कम चारा में भी हाथियों को पर्याप्त ऊर्जा मिलेगी। सरकार मानव-हाथी संघर्ष कम करने की दिशा में भी काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि एसओपी में उन तमाम नियमों को सरल किया जा रहा है, जिससे मुआवजा भुगतान मेें देरी होती है।

उन्होंने छह कुनकी हाथी मंगाए जाने की भी जानकारी सदन को दी। आजसू विधायक ने भी चार लाख की जगह 20 लाख मुआवजा की मांग की।
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