हरदोई में प्रसव के दौरान गर्भवती की मौत, परिजनों ने स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/73239377-1771668729565-1771668748729_m.webpमहिला चिकित्सालय के बाहर मौजूद स्वजन। जागरण
जागरण संवाददाता, हरदोई। जिला महिला चिकित्सालय के स्टाफ की लापरवाही से फिर गर्भवती की जान चली गई। दुनिया में आने से पहले नन्ही जान की कोख में सांसें थम गईंं। शनिवार की सुबह प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हो गई। तीमारदारों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
सांडी के ग्राम कोइलाई की ममता गर्भवती थी। उसका दूसरा बच्चा होना था। शनिवार की सुबह प्रसव पीड़ा होने पर स्वजन एंबुलेंस से जिला महिला चिकित्सालय लाए। बहन माया का कहना है कि ममता को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
प्रसव कक्ष के अंदर मौजूद स्टाफ ने जोर लगाने का दवाब बनाया। जोर लगाते-लगाते बहन की सांसें थम गईं। प्रसव भी नहीं हो पाया। पेट में ही बच्चे ने भी दम तोड़ दिया।
आरोप लगाया कि अगर स्टाफ प्रसव कराने में लापरवाही न बरती होती तो शायद बहन और उसका बच्चा जिंदा होता। काफी देर तक स्वजन आरोप लगाते रहे। आखिर में अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को कोसते हुए शव लेकर घर चले गए।
डॉक्टर नहीं लगाते हाथ, स्टाफ से कराते प्रसव
सरकार भले ही जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को लेकर तमाम प्रयास करे, लेकिन धरातल पर सरकार के प्रयास लापरवाही की भेंट चढ़ रहे हैं। महिला चिकित्सालय में सुबह के समय डॉक्टर नहीं होते हैं। अगर डॉक्टर होते भी तो मरीज को हाथ न लगाकर स्टाफ नर्स से प्रसव कराते हैं। इसके चलते जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बना रहता है।
गर्भवती को हुई दिक्कत, तो निजी अस्पताल में कराया भर्ती
शहर के मुहल्ला रेलवेगंज के पुलकित शर्मा की पत्नी गर्भवती थी। वह सुबह के समय प्रसव के लिए पत्नी को महिला चिकित्सालय ले गए थे। सुबह कोई डॉक्टर नहीं था। उसकी पत्नी को काफी परेशानी हुई तो मजबूरी में निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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