सूखी खांसी में चेन की नींद देने वाला कोडीन युक्त कफ सीरप बाजार से गायब, दवा कारोबारियों ने बंद की बिक्री
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/Cough-Syrup-1771667086014_m.webpसांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, आगरा। मौसम बदलने पर सूखी खांसी से पीड़ित, बच्चे, युवा और बुजुर्गों की रात की नींद उड़ जाती है। इन मरीजों में कोडीन युक्त कफ सीरप से खांसी में राहत के साथ ही नींद भी अच्छी आती है।
मगर, कोडीन युक्त कफ सीरप के नशे के लिए इस्तेमाल होने के बाद औषधि विभाग की छापेमारी से दवा कारोबारी डरे हुए हैं। उन्होंने कोडीन युक्त कफ सीरप की बिक्री बंद कर दी है।
पिछले दो महीने से थोक दवा कारोबारियों ने कोडीन युक्त कफ सीरप की सप्लाई करने वाली 25 से अधिक फार्मा कंपनियों को आर्डर नहीं दिए हैं। बाजार में कोडीन युक्त कफ सीरप ना मिलने पर डाक्टरों ने भी इसके विकल्प का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
पिछले वर्ष लखनऊ में नशे के लिए कफ कोडीन युक्त कफ सीरप की तस्करी करने वाले सिंडिकेट को पकड़ा था। इसके बाद सात दिसंबर को आगरा में एक साथ औषधि विभाग की टीम ने दो फार्मा कंपनी सहित 26 फर्मों पर छापे मारे थे।
हालांकि, औषधि विभाग की टीम को छापे में कोडीन युक्त कफ सीरप नहीं मिले थे। छापेमारी के बाद थोक दवा कारोबारी और मेडिकल स्टोर संचालकों ने कोडीन युक्त कफ सीरप की बिक्री बंद कर दी है।
आगरा फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने बताया कि सर्दियों में हर महीने 10 करोड़ से अधिक के कोडीन युक्त कफ सीरप की बिक्री होती थी।
औषधि विभाग की कार्रवाई और कोडीन युक्त कफ सीरप के दुरुपयोग को देखते हुए थोक दवा कारोबारियों ने फार्मा कंपनियों से कोडीन युक्त कफ सीरप मंगाना बंद कर दिया है।
इंडियन एकेडमी आफ पिडियाट्रिक्स आइएपी आगरा के उपाध्यक्ष डा. अरुण जैन ने बताया कि कोडीन युक्त कफ सीरप से सूखी खांसी में आराम के साथ नींद भी आ जाती थी। कोडीन युक्त कफ सीरप नहीं मिल रहा है।
ऐसे में अब डेक्सट्रोमेथार्फन हाइड्रोब्रोमाइड सहित सीरप के अन्य विकल्प सूखी खांसी में दिए जा रहे हैं।
सहायक औषधि आयुक्त अतुल उपाध्याय ने बताया कि कोडीन युक्त सीरप की खरीद और बिक्री करने वाले को रिकार्ड रखना है इसकी नियमित जांच भी की जा रही है।
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