हिमाचल में एक्साइज पॉलिसी में बड़ा बदलाव, अब जनवरी तक देने होंगे शराब की दुकान के पूरे पैसे, ज्यादा वसूली पर कार्रवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/Liquor-Theft-1771661081155_m.webpहिमाचल प्रदेश में एक्साइज नीति में बदलाव किया गया है। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने आबकारी नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब ठेकेदारों को शराब की दुकानों के लिए लगाई बोली का पूरा पैसा मार्च के बजाय जनवरी तक देना होगा। इसके लिए पूरा टेबल तैयार किया है। इसके मुताबिक ही यह राशि देनी होगी। इसमें देरी करने पर जुर्माने की व्यवस्था की है।
इससे पहले अगले वित्तीय वर्ष के शुरुआत तक ठेकेदारों को यह पैसा देना होता था, अब उन्हें वित्तीय वर्ष खत्म होने से दो महीने पहले ही पूरी राशि देनी होगी।
क्यों लिया फैसला
सरकार का मानना है कि इससे जहां सरकार को राजस्व पहले मिलेगा, दूसरा शराब दुकानों की अवधि पूरी होने के बाद कुछ ठेकेदार पैसा जमा नहीं करवाते थे, जिससे नुकसान की आशंका खत्म हो जाएगी। इससे सरकार को राजस्व में नुकसान होता था। इस प्रथा पर रोक लगेगी। नए फार्मूले के तहत आठ प्रतिशत आवंटन की राशि शराब की दुकान जारी होने के समय और 92 प्रतिशत जनवरी तक अदा करनी होगी। इसमें देरी होने पर सात दिन में शराब की दुकान के आवंटन को रद करने का प्रविधान भी रखा है।
दुकान बंद होने पर साथ की दुकान को दिया जाएगा कोटा
शराब की दुकान बंद होने पर उसका कोटा उसके साथ की दुकान को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। उन्हें उसे पूरा करना होगा। राज्य सरकार ने अपनी आय को बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। इसके अलावा शराब बेचने के लिए लाइसेंस की फीस भी तय करती है। इसमें थोक से लेकर रिटेल सभी की लाइसेंस फीस अलग-अलग तय की गई है।
ज्यादा वसूली पर भी होगी कार्रवाई
आबकारी नीति के मुताबिक यदि कोई शराब का कारोबारी ग्राहक से ज्यादा वसूली करता है तो पहले की तरह ही जुर्माना और सजा की व्यवस्था है। इसी तरह नकली शराब बेचने वालों पर भी राज्य सरकार के नियम के मुताबिक सजा का प्रविधान पहले की तरह ही लागू होगा।
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