शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 37.85 की साइबर ठगी, जानें ठगों की मॉडस ऑपरेंडी और सतर्क रहें
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/money-1-1771656658120_m.webpसाइबर थाना पुलिस ने पंजीकृत की प्राथमिकी, जांच शुरू. Concept Photo
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। हल्द्वानी निवासी व्यक्ति से साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में लाभ कमाने के नाम पर 37.85 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस को तहरीर सौंप कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
मूलरूप से नौगांवा सादात अमरोहा उत्तर प्रदेश और हाल हल्द्वानी नैनीताल निवासी व्यक्ति ने बताया कि वह दो नवंबर 2025 को फेसबुक आईडी पर शेयर डाइग्नोस्टिक रिपोर्ट आन आइआरएफसी को लेकर एक लिंक आया। जब उन्होंने लिंक पर क्लिक किया तो उनके व्हाटसएप नंबर पर एक मैसेज आया। जिसमें सिया वर्मा नाम की महिला की डीपी लगी हुई थी। जिसने व्हाटसएप ग्रुप चैट इनवाइट लिंक भेजकर एक ग्रुप ज्वाइन करने को कहा।
ग्रुप ज्वाइन न करने पर वह लगातार पर्सनली व्हाटसएप पर शेयर ट्रेडिंग और लाभ हानि के बारे में बताते रहे। बाद में उसने ग्रुप ज्वाइन कर लिया। जिसके एडमिन सिया वर्मा और प्रोफेसर रामदेव और अन्य लोग थे। ग्रुप में प्रोफेसर रामदेव अपने शेयर टिप्स एवं शेयर लाभ बड़ाने की बातें करते थे। ग्रुप में जुड़े अन्य लोग भी अपने ट्रेडिंग के स्क्रीन शाट शेयर करते थे।
इस दौरान ग्रुप में जुड़ी महिला काव्या मेहता ने उन्हें व्हाटसएप नंबर पर शेयर से संबंधित बात करते हुए सिया और रामदेव की तारीफ की। नौ जनवरी 2026 को सिया वर्मा ने एक एप्लीकेशन फार्म मोतीलाल ओस्वाल फाइनेंशियल सर्विसेज का भेजा। साथ ही उसे सिया वर्मा ने डीएमए कस्टमर सर्विस ग्रुप ज्वाइन कराया। नौ जनवरी 2026 को एमओपीआइपी लिंक भेजकर डाउनलोड कराया। इसके बाद सिया वर्मा ने ट्रेड करने के लिए शेयर बताए और रुपये जमा करने को कहा।
उसकी बातों पर आकर उसने 22 जनवरी 2026 को 6.30 लाख, दो फरवरी को 1.55 लाख, छह फरवरी को 30 लाख रुपये जमा किए। जिसका लाभ उनके एप्लीकेशन में दिखता रहा। इस बीच उन्होंने उससे दूसरा आइपीओ खरीदने के लिए धनराशि की मांग की। असमर्थता जताने पर उन्होंने उससे संपर्क करना बंद कर दिया। इस पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। साइबर थाना प्रभारी अरूण कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात पर प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। जांच की जा रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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