बांका में आम और अमरूद के पेड़ों पर कीट नियंत्रण के लिए सरकार देगी 75% सब्सिडी, डीबीटी पोर्टल पर करें आवेदन
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/mango-farminh-1771655604985_m.webpकीट नियंत्रण के लिए सरकार देगी सब्सिडी
संवाद सूत्र, बांका। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए पौधा संरक्षण विभाग फलदार पौधों पर कीटनाशक दवा के छिड़काव के लिए अनुदान देगा। इसमें आम, अमरूद सहित अन्य तरह के फलदार पौधे हैं। इन पौधों पर कीट प्रबंधन को लेकर फल आने से पहले और फल आने के बाद कीटनाशक छिड़काव करने के लिए किसानों को अनुदान दिया जा रहा है।
इसका मुख्य उद्देश्य कीट एवं व्याधि नियंत्रण के माध्यम से फलों की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि करना है। इसके लिए पौधा संरक्षण विभाग ने प्रति किसान पौधों की अधिकतम सीमा भी तर कर रखा है।
पहले आओ–पहले पाओ की तर्ज पर लाभ
योजना के तहत एक किसान अधिकतम 112 आम के पेड़ पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करा सकते हैं। जबकि अमरूद के लिए 56 पेड़ की सीमा तय की गई है। इससे अधिक पेड़ों पर दवा का छिड़काव करने पर किसान को अनुदान नहीं मिलेगा।
योजना का लाभ पहले आओ–पहले पाओ की तर्ज पर दिया जा रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले किसानों को कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
तय की गई है अनुदान की राशि
आम के पेड़ पर कीटनाशक छिड़काव के लिए इकाई लागत प्रति पौधे 76 निर्धारित किया गया है, इस पर 57 रुपए अनुदान दिया जा रहा है। जबकि मंजर आने के बाद दूसरे छिड़काव में इकाई लागत प्रति पौधे 96 रुपए निर्धारित किया गया है, इस पर 72 रुपए अनुदान दिया जाएगा।
वहीं, अमरूद के पौधे के लिए प्रति पौधे इकाई लागत 44 रुपए निर्धारित किया गया है, इस पर किसान को 33 रुपए अनुदान दिया जा रहा है।
मंजर से लदे आम के पेड़
आम के पेड़ों में मंजर आने लगे हैं। कुछ पेड़ तो आम के मंजर से लद चुके हैं। अगर कीट प्रबंधन पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसानों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में आम के बेहतर उत्पादन के लिए कृषि विज्ञानी आम के मंजरों पर दवा का छिड़काव करने की सलाह किसानों को दे रहे हैं।
बता दें कि यहां पर सबसे बड़े भूभाग पर अमरपुर में आम का बगीचा है। इसके बाद बाराहाट, रजौन, धोरैया, कटोरिया व अन्य प्रखंड में भी है। यहां के बगीचों के आम की मांग आसनसोल, बंगाल, पटना, यूपी, वाराणसी आदि तक होती है।
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