बिहार में वाहनों की फिटनेस जांच अब मशीनों से, 27 जिलों में खुलेंगे नए एटीएस केंद्र
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/car-1771655569081_m.webpवाहनों की फिटनेस जांच अब मशीनों से
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में अब वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह आधुनिक तकनीक से की जाएगी। परिवहन विभाग ने सभी जिलों में स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन–एटीएस) खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। पहले चरण में राजधानी पटना सहित आधा दर्जन से अधिक जिलों में एटीएस संचालित हो रहे हैं। अब दूसरे चरण में 27 और जिलों में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
परिवहन विभाग ने एटीएस की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के पोर्टल के माध्यम से इच्छुक कंपनियों और व्यक्तियों से आवेदन मांगा है। आवेदन की अंतिम तिथि 16 मार्च निर्धारित की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक जिले में करीब दस परीक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना है। ये केंद्र निजी क्षेत्र की भागीदारी से संचालित होंगे, जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित की जा सके।
मशीनों से होगी जांच, खत्म होगा मैनुअल सिस्टम
एटीएस पर वाहनों की जांच पूरी तरह मशीनों से की जाएगी। इसमें ब्रेक, क्लच, हार्न, हेडलाइट, स्पीडोमीटर, विंडो ग्लास, वाइपर समेत अन्य तकनीकी मानकों की वैज्ञानिक तरीके से जांच होगी। जांच पूरी होने के बाद तुरंत फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा।
अभी अधिकांश जिलों में मोटरयान निरीक्षकों द्वारा मैनुअल जांच की व्यवस्था है, जिसमें मानवीय त्रुटि की संभावना बनी रहती है। मशीन आधारित परीक्षण से इस समस्या का समाधान होगा और फर्जी फिटनेस प्रमाण-पत्रों पर भी रोक लगेगी।
सीसीटीवी निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता
सभी परीक्षण केंद्र सीसीटीवी कैमरों से लैस होंगे। इससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। विभाग का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सड़क सुरक्षा के मानकों को मजबूती मिलेगी।
नई व्यवस्था लागू होने से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान आसान होगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि सभी व्यावसायिक और निजी वाहनों की फिटनेस जांच तय मानकों के अनुसार हो।
इन 27 जिलों में खुलेंगे नए एटीएस
जिन जिलों में नए एटीएस खोले जाएंगे उनमें प्रमुख हैं, मुंगेर, जमुई, शेखपुरा, बांका, अररिया, शिवहर, नवादा, सहरसा, किशनगंज, वैशाली, नालंदा, सारण, बेगूसराय, लखीसराय, बेतिया, मधेपुरा, अरवल, खगड़िया, औरंगाबाद, जहानाबाद, सीतामढ़ी, कटिहार, रोहतास, सुपौल, समस्तीपुर, सिवान और दरभंगा।
इन जिलों में एटीएस खुलने से वाहन मालिकों को अपने ही जिले में आधुनिक फिटनेस जांच की सुविधा मिल सकेगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी। परिवहन विभाग का मानना है कि यह कदम राज्य में सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा।
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