हिमाचल प्रदेश के चंबा में पूर्व पंचायत प्रधान गिरफ्तार, आरक्षित सीट पर फर्जी प्रमाणपत्र से लड़ा चुनाव
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/Army-Officer-Arrested-1771652645625_m.webpचंबा में पूर्व पंचायत प्रधान को गिरफ्तार किया गया है। प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, चंबा। हिमाचल प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्र से चुनाव लड़ने वाले पूर्व पंचायत प्रधान को गिरफ्तार किया गया है। जिला चंबा के तीसा थाना क्षेत्र में जाली अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के माध्यम से पंचायत की सत्ता पर काबिज रहे। पुलिस ने अब कार्रवाई करते हुए आरोपित पूर्व प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपित ने न केवल फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरक्षित सीट से चुनाव जीता, बल्कि पांच वर्षों तक प्रधान पद पर रहकर व्यवस्था को चुनौती दी।
शिकायत के बावजूद कार्यकाल भी पूरा कर गया
चुराह के बाड़ी गांव निवासी भगत राम ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपित जनम सिंह निवासी डडवाड़ी ने धोखाधड़ी से अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाया था। इसी जाली दस्तावेज के आधार पर उसने ग्राम पंचायत गुवाड़ी में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित प्रधान पद पर कब्जा जमाया और अपना कार्यकाल पूरा किया।
जनवरी 2025 में दर्ज हुआ था मामला
थाना तीसा में 28 जनवरी 2025 को आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच के दौरान जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो मामला स्पष्ट हो गया। नायब तहसीलदार सलूणी की अदालत में हुई जांच में आरोपित का प्रमाणपत्र अवैध पाया गया, जिसके बाद उसे तत्काल निरस्त कर दिया गया।
पुलिस ने पूछताछ के बाद की कार्रवाई
विभागीय पुष्टि होते ही पुलिस ने शुक्रवार को आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपित संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि आरोपित को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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