हिमाचल में विधवा महिलाओं की बेटी को हाई एजुकेशन के लिए मिलेगी वित्तीय सहायता, CM सुक्खू का एलान
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/cm_sukhu_news_latess-1771646885041_m.webpकैप्शन: हिमाचल सीएम सुक्खू (जागरण फाइल)
जागरण संवाददाता, शिमला। इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का विस्तार किया गया है, जिसके तहत अब विधवाओं की बेटियों को प्रदेश और प्रदेश से बाहर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
पात्र बेटियों को 27 वर्ष की आयु तक योजना का लाभ मिलेगा। शिमला में जारी बयान में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य विधवा, निराश्रित या तलाकशुदा महिलाओं तथा दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करना है।
10 महीनों तक प्रति माह तीन हजार रुपये दिए जाएंगे
इस वित्त वर्ष के लिए राज्य सरकार ने योजना के तहत 31.01 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है, जिसमें से तीन फरवरी, 2026 तक 22.96 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।
संशोधित प्रविधानों के अनुसार, राज्य से बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राओं को किराया या पीजी आवास शुल्क के लिए अधिकतम 10 महीनों तक प्रति माह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
यह सहायता सरकारी छात्रावास की सुविधा उपलब्ध न होने की स्थिति में प्रदान की जाएगी। योजना के तहत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, व्यवसाय एवं प्रबंधन, चिकित्सा एवं संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, ला, कंप्यूटर एप्लीकेशन और आइटी सर्टिफिकेशन, एजुकेशन एवं ह्यूमैनिटीज, राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रम, शिल्पकार प्रशिक्षण योजना के पाठ्यक्रम तथा सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी द्वारा संचालित कार्यक्रम शामिल हैं।
वर्तमान में योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं और दिव्यांग अभिभावकों के बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, राज्य के सरकारी संस्थानों में अध्ययनरत लाभार्थियों की ट्यूशन फीस, छात्रावास शुल्क और अन्य संबंधित शैक्षणिक व्यय भी वहन किए जा रहे हैं।
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