अदालत ने दिल्ली पुलिस को लगाई कड़ी फटकार, IO और SHO को दिया अंतिम मौका; जांच में की थी लापरवाही
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/21/article/image/Jagran-News-(560)-1771645973306_m.webpराऊज एवेन्यू। सोशल मीडिया
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में राऊज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) विरूपण (डिफेसमेंट) मामले की जांच में लापरवाही पर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए जांच अधिकारी (आइओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) को आखिरी मौका दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अधूरी और अस्पष्ट स्टेटस रिपोर्ट स्वीकार नहीं की जा सकती।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने सुनवाई के दौरान पाया कि पुलिस की ओर से दाखिल रिपोर्ट में न तो जांच की वास्तविक स्थिति बताई गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि जांच कब तक पूरी होगी।
जांच की गंभीरता पर सवाल हुए खड़े
अदालत ने इसे गंभीर चूक मानते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगली बार संतोषजनक रिपोर्ट न देने पर उनके खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजी जाएगी। कोर्ट ने विशेष रूप से इस तथ्य पर नाराजगी जताई कि प्राथमिकी दर्ज होने के दो माह बाद भी शिकायतकर्ता को जांच में शामिल होने के लिए नहीं बुलाया गया। अदालत ने कहा कि इससे जांच की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं।
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शिकायत सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर-बैनर लगाकर डिफेसमेंट करने से जुड़ी है। अदालत के निर्देश पर आइपी एस्टेट थाना पुलिस ने दिसंबर 2025 में डिफेसमेंट आफ पब्लिक प्रापर्टी अधिनियम की धारा तीन के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन अब तक आरोपित की पहचान नहीं हो सकी है।
कोर्ट ने आइओ और एसएचओ को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर जांच की प्रगति, अब तक उठाए गए कदम और आगे की समय-सीमा सहित विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करें।
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