रायबरेली में 26 ग्राम सभाओं में मनरेगा योजना ठप, रोजगार के लिए भटक रहे श्रमिक
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/raebareli-news-(4)-1771584076172_m.webp26 ग्राम सभाओं में मनरेगा योजना ठप।
संवाद सूत्र, जगतपुर (रायबरेली)। विकासखंड में 39 ग्राम सभाएं हैं, जिनमें मनरेगा योजना के अंतर्गत 7780 जाब कार्ड धारक श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें 26 ग्राम सभाओं में मनरेगा कार्य बंद है, महज 13 ग्राम सभाओं में ही श्रमिकों को रोजगार मिल पा रहा है। बेरोजगार श्रमिक दूसरे शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।
काम बंद होने से जॉब कार्ड धारकों के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। बेरोजगार युवक, श्रमिक दूसरे शहरों में मजदूरी करने को विवश हो रहे हैं।
मनरेगा श्रमिक छोटेलाल, नंदलाल हीरालाल, सुरजू, मैकू, अर्जुन, राजाराम ने बताया कि तीन महीने से काम नहीं मिला। जिसकी वजह से दूसरे शहरों में कार्य करना पड़ रहा है।
बड़ी ग्राम सभाओं में मनरेगा कार्यों में लगाए गए श्रमिकों की स्थिति भी बद से बदतर बनी हुई है। भीख गांव में एक, चिचौली में 46,धोबहा में 8, धूता में 31, हरदी में 16, खजुरी में 13, कुसमी में 14, मखदूम पुर में 7, पूरब गांव में 3, सुदामा पुर में 6, टांघन में 1, टिकठा मुसल्ले पुर में 44 और उड़वा ग्राम सभा में सिर्फ 9 श्रमिकों को रोजगार दिया जा रहा है।
खंड विकास अधिकारी प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि सभी ग्राम प्रधानों तथा सचिवों को ग्राम सभा में कच्चे कार्यों के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार देने के निर्देश दिए गए हैं।
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