सोनीपत के गांवों में बंदरों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Jagran-News-(549)-1771582888735_m.webpगांव बड़वाससनी में छतों पर घूम रहे बंदर। सौ. ग्रामीण
जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत में गांव बड़वासनी के बाद अब आसपास के गांवों में भी बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण बंदरों के उत्पात और उनके काटने से परेशान हैं। बंदर लोगों को देखते ही उन पर झपटते हैं। बंदरों ने गांव बड़वासनी में 24 से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया था।
बंदर ग्रामीणों के कान व सिर पर हमला करते हैं। ग्रामीणों ने मामले को जिला पार्षद संजय बड़वासनिया के सामने उठाया, जिसके बाद जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने बीडीपओ को ज्ञापन सौंप कर बंदर पकड़ने की मांग की थी। अब गांव बड़वासनी में पंचायती राज विभाग एजेंसी हायर कर बंदर पकड़वा रहा है। एजेंसी ने अब तक 56 बंदर पकड़ लिए हैं, लेकिन बंदरों का आतंक पड़ोसी गांव में पहुंच रहा है।
बढ़ रही बंदरों की संख्या
जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने सोनीपत बीडीपओ अंकुर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि बड़वासनी गांव में 200 से ज्यादा बंद हैं, जो उत्पात मचा रहे थे। साथ ही अब गांव किलोहड़द और शहजादपुर में भी बंदरों की संख्या बढ़ रही है। दोनों गांव में बंदर ग्रामीणाें पर हमले कर रहे हैं।
किलोहड़द के योगेश व शहजादपुर के साहिल ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से पंचायती राज विभाग को शिकायत दी जा चुकी है। उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
गांव में दहशत का माहौल
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद विभाग लापरवाह बना हुआ है। अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ा हुआ है कि बच्चे डर के मारे स्कूल नहीं जा रहे, अभिभावक भी डरे हैं। गांव में दहशत का माहौल है। सामान देखकर बंदर पीछे लग जाते हैं। कभी घरों में सामान बिखरा मिलता है तो कभी कपड़े फटे। घरों में महिलाएं बंदरों से डरी रहती हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि बंदरों को पकड़कर कही दूसरी जगह छोड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर एजेंसियां शहर या आसपास के क्षेत्रों से बंदरों को पकड़ कर गांवों की ओर छोड़ देती हैं, जिसके कारण समस्या बढ़ रही है। ऐसा करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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बड़वासनी के ग्रामीणों की शिकायत मिलने के बाद गांव में टीम भेज दी गई थी। अब तक गांव से 56 बंदर पकड़े जा चुके है। किलोहड़द और शहजादपुर का मामला सामने आया है। वहां भी अभियान चलाया जाएगा। - अंकुर, बीडीपीओ, सोनीपत
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