Rangbhari Ekadashi 2026: शादी में आ रही है रुकावट? महादेव को चढ़ाएं ये एक खास चीज, जल्द बजेगी शहनाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Rangbhari-Ekadashi-2026-1771566525127_m.webpRangbhari Ekadashi 2026: रंगभरी एकादशी के उपाय। (Ai Generated Image)
धर्म डेक्स, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी का बहुत ज्यादा महत्व है। इसे आमलकी एकादशी के साथ-साथ रंगभरी एकादशी (Rangbhari Ekadashi 2026) के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में यह पावन तिथि 27 फरवरी को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन देवों के देव महादेव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार अपनी नगरी काशी लाए थे।
इसीलिए यह एकादशी भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक मानी जाती है। अगर आपके या आपके परिवार में किसी सदस्य के विवाह में लगातार देरी हो रही हैं, तो रंगभरी एकादशी पर ये असरदार उपाय जरूर करें, जो इस प्रकार हैं -
चढ़ाएं ये खास चीजें
https://smart-cms-bkd-static-media.jnm.digital/jagran-hindi/images/2026/02/20/template/image/kamda-ekadashi-shivling-ke-upay-1-1771566012898.jpg
Ai Generated Image
गुलाबी या लाल गुलाल - रंगभरी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर जाएं। वहां शिवलिंग और माता पार्वती की प्रतिमा पर सबसे पहले गंगाजल चढ़ाएं। इसके बाद उन्हें गुलाबी या लाल रंग का गुलाल जरूर चढ़ाएं। ऐसा करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
सुहाग की सामग्री - इस शुभ दिन पर माता पार्वती को सुहाग का सामान अर्पित करें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से जल्द विवाह के योग बनते हैं।
कलावा गठबंधन - विवाह की मुश्किलों को दूर करने का यह सबसे अचूक उपाय माना गया है। मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा के चारों ओर सात बार कच्चा सूत या लाल कलावा लपेटते हुए उनका गठबंधन करें। इस दौरान अपने जल्द विवाह की प्रार्थना मन ही मन करें। ऐसा करने से विवाह से जुड़ी सभी मुश्किलें दूर होंगी।
पूजा मंत्र
[*]ॐ गौरीशंकराय नमः।।
[*]ॐ साम्ब सदा शिवाय नमः।।
यह भी पढ़ें- रंगभरी एकादशी पर तुलसी से जुड़ी ये आदतें घर का माहौल बदल सकती हैं
यह भी पढ़ें- Rangbhari Ekadashi 2026 Date: कब मनाई जाएगी रंगभरी एकादशी? अभी नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
Pages:
[1]