नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार, NGO में नौकरी का झांसा देकर वसूले 1.83 रुपये
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/bastipolic-1771556845387_m.webpपकड़ा गया आरोपित अजय जायसवाल प्रतापगढ़ का निवासी
जागरण संवाददाता, बस्ती। पुलिस ने एक ऐसे शातिर जालसाज को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर बेरोजगारों को अपना शिकार बनाता था। पकड़ा गया आरोपित अजय जायसवाल निवासी बलीपुर गायत्रीनगर, थाना कोतवाली नगर, प्रतापगढ पूर्व में सिपाही के पद पर अंबेडकरनगर जिले में तैनात था, जिसे उसके आपराधिक चरित्र के कारण बर्खास्त किया जा चुका है।
बर्खास्त सिपाही ने एनजीओ नेशनल हेल्थ सेफ्टी सर्विसेज आफिसर (एनएचएसएसओ) में संविदा पर नौकरी लगवाने के नाम पर अश्वनी दूबे निवासी कुरमौल, थाना धनघटा, संतकबीरनगर से एक लाख और दूसरे पीड़ित से 83 हजार रुपये की ठगी की थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ संजय कुमार, एसआइ देवव्रत शर्मा व आरक्षी पुष्कर यादव शामिल रहे।
वर्दी की आड़ में रचा ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, आरोपित अजय जायसवाल ने अपनी पुरानी पहचान और रसूख का इस्तेमाल कर भोले-भले लोगों को विश्वास में लिया। उसने पीड़ितों को एक प्रतिष्ठित एनजीओ में अच्छी सैलरी वाली नौकरी दिलाने का लालच दिया। विश्वास दिलाने के लिए उसने फर्जी कागजातों का भी सहारा लिया। लालगंज थानाक्षेत्र में संतकबीरनगर के दो युवकों ने उसकी बातों में आकर कुल 1.83 लाख रुपये आरोपित को सौंप दिए।
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पैसे लेकर हुआ फरार, तब खुली पोल
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौकरी नहीं लगी और आरोपी टालमटोल करने लगा, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो अजय जायसवाल ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ितों की शिकायत पर लालगंज पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए जाल बिछाया और आरोपी को धर दबोचा।
अंबेडकरनगर से रहा है पुराना नाता
पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अजय जायसवाल का पुराना रिकार्ड बेहद दागदार है। वह अंबेडकरनगर जिले में पुलिस विभाग में सिपाही के तौर पर तैनात था, लेकिन वहां भी वह आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाया गया था। उसकी इन्ही करतूतों के चलते विभाग ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था। बर्खास्तगी के बाद उसने ठगी को ही अपना पेशा बना लिया।
बर्खास्त सिपाही अजय जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी करा कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसने इलाके में और कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की नौकरी के झांसे में आकर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें।
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-डा: यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक, बस्ती
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