पटना में स्थापित होगा विश्वस्तरीय स्किल्स ट्रेनिंग संस्थान, BSDM-NSDC में हुआ समझौता
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/20/article/image/Patna-News-(88)-1771542394845_m.webpजागरण संवाददाता, पटना। बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तहत संचालित बिहार कौशल विकास मिशन (बीएसडीएम) और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के बीच गुरुवार को पटना में महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य राज्य में कौशल विकास को रोजगार, उद्यमिता और वैश्विक अवसरों से जोड़ते हुए संस्थागत और दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत बनाना है।
एमओयू के तहत बिहार में विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, एनएसडीसी की अंतरराष्ट्रीय पहलों से जुड़ाव, अकादमी कार्यक्रमों का विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर मोबिलाइजेशन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इससे युवाओं को उद्योग उन्मुख और आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण मिल सकेगा।
एनएसडीसी ने छह प्रमुख पहलों पर रणनीतिक साझेदारी का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के तहत पटना में विश्वस्तरीय स्किल्स ट्रेनिंग संस्थान स्थापित किया जाएगा, जिसे आगे चलकर राज्य के अन्य हिस्सों में भी विस्तार दिया जाएगा। सिवान में एनएसडीसी इंटरनेशनल के सहयोग से ओवरसीज प्लेसमेंट के लिए विशेष स्किलिंग सेंटर खोला जाएगा, ताकि युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर मिल सकें।
कालेज छात्रों के लिए एनएसडीसी अकादमी के साथ मिलकर फ्यूचर स्किल्स ट्रेनिंग शुरू की जाएगी, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक और उभरते क्षेत्रों पर जोर रहेगा। साथ ही एंकर कंपनियों के माध्यम से वैल्यू-चेन आधारित सूक्ष्म उद्यमियों का समूह तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बिहार के ‘सेक्टर आफ एडवांटेज’ पर फोकस करते हुए सेक्टर स्किल काउंसिल्स (एसएससीएस) के साथ साझेदारी में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्रालयों और सीएसआर परियोजनाओं से राज्य को जोड़कर कौशल विकास ढांचे को मजबूत करने की भी योजना है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव सह बीएसडीएम के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डा. कौशल किशोर ने बताया कि समझौते में सूक्ष्म उद्यमिता और आजीविका विकास पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि युवा रोजगार पाने के साथ-साथ रोजगार सृजक भी बन सकें।
पंचायत स्तर तक कौशल प्रशिक्षण पहुंचाने तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर युवाओं के लिए उन्नत कौशल कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन, कंस्ट्रक्शन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से राज्य में निजी निवेश और उद्योग आधारित प्रशिक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार इसे दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा बताते हुए अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है।
कार्यक्रम में एनएसडीसी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अरुण कुमार पिल्लई, बीएसडीएम के निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण, सुनील कुमार, विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के प्रमुख, अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हेमंत कुमार सिंह, मिशन निदेशक, बिहार कौशल विकास मिशन के साथ विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि और वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कौशल विकास के लिए छह संकल्प
[*]राजधानी में विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना
[*]सिवान में अंतरराष्ट्रीय जरूरतों के आधार पर प्लेसमेंट सेंटर
[*]सभी कालेजों में एआइ और तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था
[*]लघु उद्यम के विकास के लिए अनुकूल माहौल उत्पन्न करना
[*]चिह्नित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देकर कुशल प्रशिक्षण का अवसर मुहैया कराना
[*]सीएसआर प्रोजेक्ट और केंद्रीय मंत्रालयों से समन्वय बढ़ाना
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