पहले किसान को महीनों दौड़ाया, फिर मांगी 25 हजार की घूस; अब सलाखों के पीछे पहुंचे कानूनगो और मुंशी
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/C-343-1-BRY1522-470225-1771509920269_m.webpरिश्वत देते हुए पकड़े गए कानूनगो तस्लीम अहमद व मुंशी महेंद्र पालसौ. कर्मी
जागरण संवाददाता, (गुन्नौर) संभल। एक बार फिर सिस्टम को दागदार करने का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो मुरादाबाद इकाई की टीम ने गुन्नौर तहसील में छापेमारी कर एक कानूनगो तस्लीम अहमद व प्राइवेट मुंशी महेंद्र पाल को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद इकाई द्वारा निरीक्षक नवल मारवाह के नेतृत्व में की गई।
थाना क्षेत्र के गांव ढडूमरा के निवासी किसान बलवीर सिंह ने शिकायत दी थी कि उनसे नक्शा दुरुस्तीकरण के वाद में एडीएम संभल रिपोर्ट प्रेषित करने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है। दो महीने से वह परेशान थे और 25 हजार रुपये की डिमांड की जा रही थी। इतना ही नहीं, 15 दिन तक दस हजार रुपये रिश्वत के रूप में दे दिए गए थे। अब गुरुवार को 14 हजार रुपये देने का दिन तय किया गया।
आरोपित खुद को बता रहा अधिवक्ता
मगर, पीड़ित किसान ने इस मामले की जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो मुरादाबाद इकाई को दी। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजना बनाकर तकरीबन 12:30 बजे गुन्नौर तहसील परिसर में छापा मारा और दोनों आरोपितों को 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।आरोपित महेंद्र पाल खुद को अधिवक्ता भी बता रहा था। जो, कानूनगो की रिश्वत लेकर उन्हें पहुंचाने का काम करते थे।
बार वेलफेयर एसोसिएशन गुन्नौर के अध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने बताया कि कानूनगो के साथ गिरफ्तार किए गए व्यक्ति महेंद्र पाल ने एलएलबी करने के बाद में हाल ही में आल इंडिया बार एग्जामिनेशन (एआइबीइ) की परीक्षा पास की है लेकिन, अभी प्रैक्टिस शुरू नहीं की है और न ही इनका अभी कोई चैंबर बार में पंजीकरण है।
रिपोर्ट दर्ज कर किया गया चालान
गिरफ्तार कानूनगो कादराबाद क्षेत्र तहसील गुन्नौर में तैनात था और मूल रूप से गुन्नौर के मुहल्ला जुलेपुरा का निवासी है। जबकि अधिवक्ता गुन्नौर के निकटवर्ती गांव अब्दुल हई क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपितों को कोतवाली गुन्नौर लाया गया, जहां उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर चालान कर दिया गया है। तहसीलदार रविन्द्र विक्रम ने बताया कि ये काफी समय से तैनात थे। टीम ने इन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। बाकी विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच की जा रही है।
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