बाईपास भूमि अधिग्रहण: गोपालगंज के किसानों में बढ़ा असंतोष, मंत्री से लगाई गुहार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/GOPALGANJ-NEWS-(33)-1771496495413_m.webpशिक्षा मंत्री सह भोरे विधायक सुनील कुमार से मिले लोग। (जागरण)
संवाद सूत्र, फुलवरिया/भोरे (गोपालगंज)। भोरे प्रखंड के पांच गांवों से होकर गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 727 बी से जुड़े प्रस्तावित बाईपास को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होते ही किसानों में असंतोष गहरा गया है।
मुआवजे की दर को लेकर नाराज रैयत अब गोलबंद होकर विरोध जता रहे हैं। जानकारी के अनुसार मिश्रौली, भानपुर, रुद्रपुर और सिसई मलचौर गांवों की भूमि बाईपास निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा रही है।
विभाग की ओर से रैयतों को नोटिस जारी कर आवश्यक कागजात जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। नोटिस मिलते ही किसानों ने निर्धारित मुआवजा दर पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। विशेष रूप से द्विफसली और मुख्य सड़क किनारे स्थित जमीन के कम मूल्यांकन को लेकर असंतोष ज्यादा है।
किसानों का कहना है कि उनकी जमीन उपजाऊ होने के साथ-साथ व्यावसायिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, जिसकी बाजार कीमत सामान्य कृषि भूमि से कहीं अधिक है।
इसके बावजूद विभाग द्वारा एक समान दर तय कर दी गई, जो न्यायोचित नहीं है। 14 फरवरी को 50 से अधिक रैयत गोपालगंज स्थित भू-अर्जन कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंप चुके हैं। उनका आरोप है कि अब तक केवल आश्वासन मिला है, ठोस पहल नहीं हुई है।
इसी क्रम में किसान प्रतिनिधिमंडल जिसमें परशुराम गोंड, नगीना गोंड, विजय तिवारी, महेंद्र भगत, कालिंदी देवी, हीरा देवी, राधेश्याम भगत, संदीप कुशवाहा, कृष्णा कुशवाहा, प्रभा देवी, हरकेश कुशवाहा, आनंद कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने सूबे के शिक्षा मंत्री सह भोरे विधायक सुनील कुमार से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की।
मंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर उचित मुआवजा सुनिश्चित कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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