धनबाद के राधानगर पहाड़ी पर पावर ग्रिड तैयार, वन विभाग की मंजूरी के इंतजार में फंसा 50 करोड़ का प्रोजेक्ट
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/19/article/image/Dhanbad-News-(27)-1771451596255_m.webpसंवाद सहयोगी, महुदा (धनबाद)। महुदा क्षेत्र के लोगों को नियमित विद्युत आपूर्ति की आस उस समय जग गई, जब महुदा बाजार से सटे राधानगर पहाड़ी में नए विद्युत पावर ग्रिड का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। वर्तमान समय में राधानगर का विद्युत पावर ग्रिड 50 करोड़ की लागत से बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। लेकिन वन विभाग के असहयोगात्मक रवैये के कारण पावर ग्रिड से विद्युत आपूर्ति चालू नहीं हो पा रही है।
इस संबंध में झारखंड ऊर्जा संरक्षण निगम लिमिटेड महुदा के सहायक प्रबंधक ढलेश्वर महतो ने बताया कि वन विभाग के कारण प्रोजेक्ट का काम रुका हुआ है। अगर वन विभाग से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाता है तो इस पावर ग्रिड को दो से तीन माह में चालू कर दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि वन विभाग के क्षेत्र में चंदनकियारी के लाघला से पुटकी के बीच कई स्थानों पर 1, 32,000 वोल्ट का टावर लगाया जाना बाकी रह गया है। जिसके लिए वन विभाग को कई बार पत्र दिया गया है। लेकिन अभी तक इस पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गयी है। उन्होंने बताया कि यह पावर ग्रिड सेंटर है।
यहां चंदनकियारी के लाघला से पुटकी तक 1,32,000 वोल्ट का कनेक्शन आयेगा तथा पुटकी से महुदा तक कनेक्शन आयेगा। पुटकी से महुदा तक कनेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है। यहां 1,32,000 वोल्ट को 33 हजार बोल्ट में कन्वर्ट कर छह सबस्टेशन को विद्युत आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलते ही सभी 12 टावर एक साथ लगाकर चालू कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह पावर ग्रिड चालू हो जाने से इससे जुड़े सभी छह सब स्टेशन से उपभोक्ताओं को नियमित रूप से बिजली मिलने लगेगी। मालूम हो कि वर्तमान समय में चंद्रपुरा पावर ग्रिड से बिजली गणेशपुर सब स्टेशन में आती है। वहां से कई फिडर के माध्यम से उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जाती है।
चंद्रपुरा पावर ग्रिड से गणेशपुर को अनियमित रूप से बिजली मिलती है, जिस कारण उपभोक्ताओं को बराबर परेशानी होते रहती है। राधानगर पावर ग्रिड चालू होने से गणेशपुर, भाटडीह, बाघमारा, मालकेरा, लोयाबाद आदि सभी सब स्टेशनों को निर्बाध रूप से बिजली मिलेगी। तभी उपभोक्ताओं के बिजली समस्या का समाधान हो पायेगा। नियमित रूप से बिजली मिलने से आम उपभोक्ताओं को भी काफी सहूलियत होगी।
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