पश्चिम बंगाल पुलिस ने अखिल भारतीय फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीता, हरी प्लास्ट को 5-3 से दी मात
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/18/article/image/Odisha-News-(48)-1771435525080_m.webpलावा पांडे, बालेश्वर। बालेश्वर मै हिमांशु हरि फाउंडेशन द्वारा आयोजित हिमांशु दास मेमोरियल अखिल भारतीय फुटबाल टूर्नामेंट का फाइनल मैच बुधवार 18 फरवरी 2026 को बालेश्वर के परमिट मैदान में खेला गया। इस मौके पर फाइनल मैच में बालेश्वर के हरि प्लास्ट फुटबॉल टीम तथा पश्चिम बंगाल बैरकपुर के बंगाल पुलिस स्पोर्ट्स क्लब के बीच फाइनल मुकाबला हुआ था।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के तौर पर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी एल्विटो डी चुन्ना मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। अन्य अतिथियों में फाल्कन ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रभा रंजन पटनायक, नेशनल ह्यूमैनिटीज फेडरेशन ओडिशा के प्रमुख आलोक रंजन पृष्टि ,फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ ओडिशा के उपाध्यक्ष पद्मलोचन लेंका ,स्वर्गीय हिमांशु दास के सुपुत्र संजय दत्त और संग्राम दास समेत कई गणमान्य व्यक्ति इस मौके पर मौजूद थे।
दिवंगत बाबू हिमांशु दास के स्मृति में आयोजित इस फुटबॉल टूर्नामेंट में प्रत्येक दिन भारी संख्या में दर्शक उपस्थित होकर फुटबॉल के खेल का लुफ्त उठाया करते थे। इस मौके पर कई पुरातन फुटबॉल खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया था।
मैच के शुरुआत में अतिथियों से दोनों टीमों के खिलाड़ियों और अधिकारियों का स्वागत और परिचय कराया गया था। इसके बाद मैदान पर राष्ट्रगीत गाया गया था। इसी महीने के 11 तारीख से लेकर 18 तारीख तक इस राष्ट्रीय फुटबॉल खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
बालेश्वर के हरि प्लास्ट टीम को हराकर पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम विजय हासिल किया था। विजई टीम को ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपए का नगद पुरस्कार राशि प्रदान किया गया था जबकि उप विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 50 हजार रुपए का पुरस्कार राशि प्रदान किया गया था।
जागरण से बातें करते हुए इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी एल्बिटो डी चुन्ना ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि आज के युवा वर्ग फुटबॉल के बजाय क्रिकेट के प्रति ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। यदि सरकारी स्तर पर विद्यालय में फुटबॉल के प्रति छात्रों का विशेष रुचि और अभ्यास कराया जाए तो आने वाली पीढ़ी फुटबॉल के प्रति जरूर आकर्षित होगी।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कहा कि यदि चंद दशकों पहले फुटबॉल के प्रति भारत मै युवा वर्ग का काफी आकर्षण था। यदि सरकार चाह ले तो आने वाले दिनों में भी युवा इस खेल के प्रति ज्यादा से ज्यादा आकर्षित होंगे। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रशिक्षित फुटबॉल शिक्षकों का होना जरूरी है इसके लिए उक्त शिक्षकों को फुटबॉल की विशेष ट्रेनिंग दिया जाना चाहिए।
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