भारत बना विदेशी निवेश का हॉटस्पॉट, वित्त मंत्री ने गिनाए मजबूत व्यापार के फायदे; नॉर्वे में क्या-क्या बताया?
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एजेंसी, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को भारत के विस्तार लेते व्यापार ढांचे पर जोर देते हुए कहा कि देश व्यापार, औद्योगिक सहयोग और दीर्घकालिक निवेश के लिए एक टिकाऊ ढांचा प्रदान करता है।
ओस्लो में नार्वे के प्रमुख मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) और निवेशकों के साथ गोलमेज बैठक में सीतारमण ने कहा कि उनकी आधिकारिक यात्रा के दौरान निवेश गंतव्य और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में भारत पर सकारात्मक चर्चा हुई है।
वित्त मंत्रालय ने \“एक्स\“ पर एक पोस्ट में कहा, \“यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए), यूरोपीय संघ (ईयू), ब्रिटेन और अमेरिका के साथ समझौतों सहित भारत के विस्तार लेते व्यापार ढांचे के आलोक में, केंद्रीय वित्त मंत्री ने उन परिस्थितियों पर प्रकाश डाला जो व्यापार, औद्योगिक सहयोग और दीर्घकालिक निवेश के लिए एक टिकाऊ ढांचा प्रदान करती हैं।\“
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 नागरिकों और कंपनियों के लिए नियामकीय तथा अनुपालन बोझ को कम करने पर सरकार के सुधार केंद्रित रुख को पुख्ता करता है। मंत्रालय के अनुसार, बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने भारत के अनुमानित नीतिगत और व्यापक आर्थिक वातावरण की सराहना की।
बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा, कार्बन कैप्चर, दुर्लभ खनिज और वित्तीय सेवाओं सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआइआइएफ) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने इस दौरान भारत की विकास यात्रा और निवेश के अवसरों पर एक प्रस्तुति दी।
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नार्वे के पीएम ने अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग की संभावना जताई
बैठक से अलग, सीतारमण ने नार्वे के प्रधानमंत्री जोनास गेर स्टोर से मुलाकात की। स्टोर ने कहा कि उनका देश इस वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रस्तावित यात्रा का इंतजार कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे द्विपक्षीय सहयोग का और विस्तार होगा।
स्टोर ने मत्स्य पालन, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, समुद्री और अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग की संभावना जताई। दोनों नेताओं ने ईएफटीए तथा व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टेपा) के क्रियान्वयन पर चर्चा की और उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तैयार की।
भारत-ईएफटीए तथा व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता एक अक्टूबर, 2025 को प्रभावी हुआ था। वित्त मंत्रालय ने कहा कि सीतारमण ने टेपा के प्रभावी कार्यान्वयन को दोनों पक्षों के लिए लाभकारी बताते हुए इसे समय पर लागू करने की उम्मीद जताई।
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