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सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद एक्शन: 4 बुलडोजर, ड्रोन से निगरानी और 19 हेक्टेयर वन भूमि से हट गया अवैध कब्जा

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पूरनपुर के घुंघचाई क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल की जोताई कराकर बुलडोजर से चारों तरफ खोदान कराते अधिकारी। जागरण



संवाद सूत्र, घुंघचाई (पूरनपुर)। शाहजहांपुर जिले की खुटार रेंज से पीलीभीत टाइगर रिजर्व को हस्तांतरित की भूमि पर अतिक्रमणकारी दशकों से कब्जा कर गेहूं, गन्ना और सरसों की फसल उगा रहे थे। वन विभाग ने कोर्ट के आदेश पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम की मौजूदगी में 19.04 हेक्टेयर वन भूमि पर बुलडोजर चला दिया। डिमार्केशन के बाद वन विभाग की टीम ने खड़ी फसल को ट्रैक्टरों से जोताई कराई। जमीन पर पिलर लगाकर कब्जा ले लिया गया।

वर्ष 2019 में शाहजहांपुर की खुटार रेंज का 813 हेक्टेयर जंगल पीटीआर की नवदिया बंकी वीट और 932 हेक्टेयर जंगल हरीपुर रेंज की नजीरगंज वीट में हस्तांतरित कर दिया गया था। फगुनिहाई गांव के दर्जनों लोग दशकों से वन विभाग की 19.04 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर खेती करते आ रहे हैं।

विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए अधिकांश कब्जेदारों ने कोर्ट की शरण ले रखी है। वन भूमि हस्तांतरित होने के बाद से पीटीआर प्रशासन इस भूमि को कब्जामुक्त कराने के प्रयास में जुटा हुआ था। बीते दस दिन पूर्व वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त सर्वे, सीमांकन किया था।

मंगलवार कोर्ट के आदेश पर सामाजिकी वानिकी डीएफओ भरत कुमार डीके, एसडीओ रमेश चौहान, शाहजहांपुर की तहसील पुवायां एसडीएम चित्रा निर्वाल, पुवायां पुलिस क्षेत्राधिकारी सहित संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तीन बुलडोजर चलवाकर डिमार्केशन शुरु कर दिया।

अचानक भारी पुलिस फोर्स और वन विभाग की मौजूदगी से कब्जेदारों में खलबली मच गई। फसलों पर बुलडोजर चलते आस पड़ोस के दर्जनों लोग एकत्र हो गए। वन विभाग और राजस्व अधिकारियों ने वार्ता कर उन्हें शांत करा दिया। इसके बाद वन भूमि पर अवैध कब्जा कर लगाई गई फसलों को ट्रैक्टरों की मदद से जोत दिया गया।

विवाद की आशंका को लेकर ड्रोन की मदद से वीडियोग्राफी कराई गई। कार्रवाई के दौरान विवाद की आशंका पर ग्रामीणों को रोक दिया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद वन विभाग ने जमीन पर पिलर लगाकर कब्जा अपने सुपुर्द ले लिया।
कब्जामुक्त भूमि पर वन विभाग कराएगा प्लांटेशन

दशकों पूर्व अतिक्रमणकारियों द्वारा उजड़ा गया वन्यजीवों का प्राकृतिक वास स्थल पुनः आबाद होगा। इसके लिए मंगलवार को वन विभाग के अधिकारियों ने जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया। वन विभाग की ओर से कब्जा मुक्त कराई गई 19.05 हेक्टेयर वन भूमि पर प्लांटेशन कराया जाएगा। इससे इस क्षेत्र में फिर से वन्यजीव स्वच्छंद विचरण कर सकेंगे।
नवदिया बंकी में 58 हेक्टेयर भूमि पर दोबारा कर लिया गया कब्जा

पीटीआर की दियोरिया रेंज की नवदिया बंकी वीट में चार कब्जेदार 45 साल से वन विभाग की 58 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर फसलें उगा रहे हैं। अगस्त 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने किसान रतन सिंह की निगरानी निरस्त कर दी थी। वन विभाग की भूमि को प्रथम चक्र चकबंदी के आधार पर पुरानी खतौनी के गाटा संख्या पर दर्ज करने का आदेश दे दिया था।

पीलीभीत और शाहजहांपुर के वनाधिकारियों की संयुक्त टीम ने भूमि का बुलडोजर से डिमार्केशन कर कब्जा लेने का दावा किया था। वन भूमि ने जमीन कब्जा मुक्त होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। लेकिन कब्जेदारों ने पुनः कोर्ट की शरण ले ली। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से वन भूमि पर दोबारा से कब्जा कर लिया गया।




वन विभाग की भूमि को कब्जा मुक्त करा दिया गया है। इस भूमि पर पौधारोपण कर पुनः वन्यजीवों का प्राकृतिक वास स्थल लौटाया जाएगा। अवैध कब्जे के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई चलती रहेगी।

- रमेश चौहान उप प्रभागीय वनाधिकारी।







शाहजहांपुर की खुटार रेंज की 813 हेक्टेयर वन भूमि वर्ष 2019 में पीटीआर को हस्तांतरित की गई थी। कब्जेदार लंबे समय से वन भूमि पर फसलें उगा रहे थे। कोर्ट के आदेश पर भूमि को कब्जा मुक्त करा कर कब्जा ले लिया गया है। वन भूमि पर शीघ्र ही प्लांटेशन कराया जाएगा।

- भरत कुमार डीके, डीएफओ सामाजिक वानिकी प्रभाग, पीलीभीत।





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