LHC0088 Publish time 2026-2-17 23:56:11

असम CM हेमंत बिस्वा सरमा के हेट स्पीच मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश निराशाजनक: मौलाना महमूद मदनी

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जमीयत उलमा ए हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी।



संवाद सहयोगी, देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा ए हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के समुदाय विशेष के प्रति घृणास्पद और भड़काऊ कृत्यों के मामले में याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट जाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय न्यायप्रिय लोगों के लिए अत्यंत निराशाजनक है।

मंगलवार को जारी एक बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत नागरिकों को अपने मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट से संपर्क करने का अधिकार है। हेट स्पीच, सांप्रदायिकता और किसी वर्ग के जीवन के अधिकार से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से कठोर और स्पष्ट कदम उठाने की अपेक्षा की जाती है।

मदनी ने यह भी कहा कि जब एक मुख्यमंत्री के खिलाफ घृणात्मक कृत्य का मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में लाया जाता है और न्यायालय उसे चुनावी राजनीति से जोड़कर कमजोर मामला बताता है, तो यह स्वाभाविक है कि जनता के मन में यह सवाल उठे कि क्या हमारी न्याय व्यवस्था सरकार के सामने झुक रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसी भावना न केवल निराशा को बढ़ावा देती है, बल्कि न्यायालय की प्रतिष्ठा पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। जमीयत न्यायपालिका का सम्मान करती है, लेकिन हेट स्पीच और सांप्रदायिकता के मामलों में गंभीरता और त्वरित न्याय की आवश्यकता होती है। मदनी ने यह भी बताया कि जमीयत इस मामले में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

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