यूपी विधान परिषद में विपक्ष ने उठाया बजट खर्च का मुद्दा, प्रतिपक्ष ने आंकड़े पेश कर किया विरोध
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/17/article/image/73075395-1771348784679-1771348797046_m.webpराज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधान परिषद में विपक्ष ने मंगलवार को बजट खर्च का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि इस बार का बजट बेशक सबसे बड़ा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वर्ष 2025-26 के बजट का अभी तक केवल 56 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च किया जा सका है। उन्होंने बजट खर्च को लेकर विभिन्न विभागों के आंकड़े भी सदन में पेश किए और कहा कि वह बजट का विरोध करते हैं।
मंगलवार को परिषद में बजट पर चर्चा को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आबकारी विभाग 65.44 प्रतिशत, उद्योग विभाग 47.32 प्रतिशत, गृह विभाग (नागरिक सुरक्षा) 58.23, नियोजन 50.47, पर्यावरण 52.52, समाज कल्याण 50.19 प्रतिशत व सार्वजनिक उद्यम विभाग 44.33 प्रतिशत राशि ही खर्च कर पाए हैं।
उन्होंने पिछले वर्षों में लगाए गए पौधों का सर्वेक्षण कराने की मांग की। उन्होंने गोवंशी की तस्करी का मुद्दा भी उठाया। कहा कि बलिया से बिहार को बड़ी मात्रा में गोवंशी की तस्करी की जा रही है।
बलिया के नरही थाने की पुलिस और आईजी मिलकर तस्करी करा रहे हैं। इस पर भाजपा के सदस्यों ने उनका विरोध किया और कहा कि प्रदेश में गोवंशी की तस्करी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है।
औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि प्रदेश में 33 हजार से ज्यादा कारखानों का पंजीकरण हो चुका है। 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो चुका है। भाजपा के अशोक कटारिया ने कहा कि विपक्ष किसानों को भड़का रहा है।
भाजपा के बहोरन लाल मौर्य, धर्मेन्द्र सिंह, रजनीकांत माहेश्वरी ने भी बजट का समर्थन किया। रालोद के योगेश चौधरी ने मांग की कि मथुरा के पानीगांव की जमीन को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से बाहर किया जाए।
वहीं निषाद पार्टी के संजय निषाद ने कहा कि मत्स्य विभाग का मंत्री हमेशा मुस्लिमों को बनाया जाता रहा, इसलिए विभाग में उर्दू अनुवादकों की भर्ती करवा दी गई थी जबकि विभाग में उनका कोई काम नहीं है।
सदन में रखे गए दो विधेयक
मंगलवार को विधान परिषद में उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 और उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (द्वितीय संसोधन) विधेयक-2026 भी रखे गए। दोनों विधेयक विधान सभा में पारित हो चुके हैं।
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