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पीएम किसान योजना में बड़ा खुलासा: भागलपुर में 33,325 अपात्रों के नाम कटे, 1 लाख जांच के घेरे में

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भागलपुर में 33,325 अपात्रों के नाम कटे, एक लाख जांच के घेरे में



नवनीत मिश्र, भागलपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) में बड़े पैमाने पर अपात्र लाभुकों का खुलासा हुआ है। फर्जी तरीके से योजना का लाभ ले रहे 33,325 लोगों के नाम सूची से काट दिए गए हैं। जांच में सामने आया कि इनमें 3,571 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 3,911 लोग आयकरदाता हैं।

इसके अलावा 24,318 ऐसे लाभुक पाए गए जो सरकारी सेवा में रहते हुए भी योजना का लाभ उठा रहे थे। प्रखंड स्तर पर की गई छानबीन के बाद संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई। मुख्यालय स्तर पर जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए गए 33,325 लाभुकों के नाम आधिकारिक सूची से डिलीट कर दिए गए।

प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इतना ही नहीं, जिले में अब भी करीब एक लाख लाभुक किसान सवालों के घेरे में हैं। प्रारंभिक जांच में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लाभुक झारखंड में निवास करते हैं, लेकिन बिहार के कोटे से पीएम किसान का लाभ ले रहे हैं। कुछ मामलों में लाभुक की मृत्यु के बाद भी खाते में किस्त जा रही है।

वहीं, कई ऐसे लाभुक भी हैं जिनके पास मात्र दो धूर जमीन है या फिर उनके नाम से जमीन की जमाबंदी ही नहीं है। कई किसानों के पास जमीन की जमाबंदी तो है, लेकिन आधार कार्ड के नाम से मिलान नहीं हो पा रहा है। इन सभी संदिग्ध मामलों की पहचान के लिए कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें घर-घर जाकर सत्यापन कर रही हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जिले में पहले 2,74,158 लाभुकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा था। 33,325 नाम कटने के बाद अब 2,40,833 किसानों को ही योजना का लाभ मिल रहा है। चिंता की बात यह है कि इन 2,40,833 लाभुकों में से अब तक केवल 1,11,487 किसानों की ही फार्मर आईडी बन पाई है। शेष 1,29,346 किसानों की फार्मर आईडी अब भी लंबित है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनेगी, उनके खाते में आगे पीएम किसान की राशि नहीं जाएगी। साथ ही वे अन्य सरकारी कृषि सुविधाओं से भी वंचित हो जाएंगे। ऐसे में किसानों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्रेशन पूरा कराएं, ताकि अपात्र घोषित होने से बच सकें।
फार्मर आईडी में तीसरे व पीएम किसान में भी चौथा स्थान

जिले ने फार्मर आइडी बनाने के मामले में पूरे बिहार में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। शिवहर, कटिहार और पूर्णिया के बाद भागलपुर राज्य में तीसरे स्थान पर है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए फार्मर रजिस्ट्री बनाने में भागलपुर चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

भागलपुर से आगे शिवहर, कटिहार और पूर्णिया हैं। किसान की पहचान अब फार्मर आईडी से होगी। जिन किसानों के नाम से जमीन है, सरकार उन्हें किसान मानती है और ऐसे सभी किसानों को किसान रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। किसान चाहे नौकरीपेशा हो या व्यवसायी, यदि वह स्वयं खेती करता है या किसी अन्य से कराता है तो उसका रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।

भविष्य में खाद-बीज की आपूर्ति और पैक्स में फसल की खरीद केवल उन्हीं किसानों से की जाएगी, जिनके पास वैध फार्मर आईडी होगी। जिले की 80 से 85 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए सभी पात्र किसानों का ई-केवाईसी और रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

दो मार्च तक अभियान मोड में फार्मर आइडी बनाने का कार्य होगा। उप विकास आयुक्त ने पीएम किसान योजना में अंशदान को 40 से 50 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए सभी प्रखंडों से दृढ़ संकल्प लेने की अपील की है।


33325 अपात्र लाभुकों के नाम काटे गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यालय के स्तर से हुई है। कई लोग आयकर दाता थे तो कई लोगों की मृत्यु हो चुकी है। - प्रेम शंकर प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी
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