कारगिल योद्धा ने पहले पत्नी और जवान बेटे को मारी गोली, फिर ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान!
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसा हृदय विदारक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र में रहने वाले 51 साल के कारगिल युद्ध लड़ चुके रिटायर्ड फौजी ने अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से पत्नी और इकलौते बेटे की हत्या कर दी और फिर खुद ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कठोघर-इमलीपुर रेलवे अंडरपास के पास एक व्यक्ति ने मालगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी है। पास में खड़ी बाइक और जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान चेतराम पासवान के रूप में हुई। जब पुलिस चेतराम के घर परिवार को सूचना देने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए।
घर के अंदर बिखरी थीं लाशें
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पुलिस ने देखा कि घर का दरवाजा खुला था और अंदर चेतराम की 40 साल की पत्नी सुनीता और 16 साल के बेटे दीप के खून से लथपथ शव जमीन पर पड़े थे। पास में ही डबल बैरल बंदूक पड़ी थी। पुलिस के अनुसार, सुनीता के सिर में और बेटे दीप के सीने में गोली मारी गई थी।
पुलिस का अनुमान है कि चेतराम ने पहले पत्नी को गोली मारी और जब बेटा उसे बचाने आया तो उसे भी मौत के घाट उतार दिया।
हत्या या आत्महत्या? भाई ने लगाया गंभीर आरोप
जहां शुरुआती जांच में इसे पारिवारिक कलह का मामला माना जा रहा है, तो वहीं चेतराम के भाई बाबू राम ने इसे साजिश और हत्या करार दिया है। चेतराम के भाई बाबू राम का कहना है कि बेटे दीप की कमर में रस्सी बंधी हुई थी, जो आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल उठाती है।
चेतराम ने बेटी की शादी और नए घर के लिए 12 लाख का कर्ज लिया था, लेकिन भाई का कहना है कि पिता ने जमीन बेचकर वह कर्ज चुका दिया था, इसलिए जान देने की कोई वजह नहीं थी।
6 महीने पहले हुई थी बेटी की शादी
चेतराम सेना से रिटायर होने के बाद एक बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उन्होंने 4 महीने पहले ही अपना नया घर भी बनाया था और 6 महीने पहले ही अपनी बेटी की शादी की थी।
TOI ने सूत्रों के हवाले से बताया, चेतराम ने घर और अपनी बेटी की शादी के लिए 12 लाख रुपए का कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने में असमर्थ होने पर, उन्होंने दो महीने पहले अपने पिता अयोध्या प्रसाद से जमीन में अपना हिस्सा मांगा था। एक महीने पहले उनके पिता ने एक खेत बेचकर उन्हें 12 लाख रुपए दिए, जिससे उन्होंने कर्ज चुका दिया।
सुनीता की बहन आशा देवी मौके पर पहुंचीं, हालांकि उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पड़ोसियों के मुताबिक, रविवार रात को पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद यह खौफनाक कांड हुआ।
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