Falgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या आज, इस विधि से करें पूजा, जानें शुभ मुहूर्त
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/Falgun-Amavasya-2026-puja-rituals-1771235321339_m.webpFalgun Amavasya 2026: फाल्गुन अमावस्या का महत्व।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Falgun Amavasya 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को फाल्गुन अमावस्या कहा जाता है। इस साल यह तिथि आज यानी 17 फरवरी को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। वहीं, इस तिथि को पितृ दोष से मुक्ति और सुख-शांति पाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -
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फाल्गुन अमावस्या शुभ मुहूर्त (Falgun Amavasya 2026 Shubh Muhurat)
[*]अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक
[*]अमृत काल - सुबह 10 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 17 मिनट तक
इस दौरान न करें कोई शुभ काम
[*]राहुकाल - दोपहर 03 बजकर 24 मिनट से 04 बजकर 48 मिनट तक
[*]गुलिकाल - दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से 02 मिनट तक
[*]यमगण्ड - सुबह 09 बजकर47 मिनट से 11 बजकर11 मिनट तक
पूजा विधि (Falgun Amavasya 2026 Puja Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें।
अगर हो पाए, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और पितरों के निमित्त तर्पण करें।
तांबे के पात्र में जल, काला तिल और जौ मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को जल अर्पित करें। इससे पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।
भगवान विष्णु और शिव जी की भी विधिवत पूजा करें।
शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
फाल्गुन अमावस्या का महत्व Falgun Amavasya 2026
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या पर किए गए दान और तप से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। साथ ही जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष है, उनके लिए यह दिन दान करने के लिए बहुत फलदायी है। कहा जाता है कि इस दिन जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है।
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