शर्मनाक! सजा के नाम पर छात्राओं से अश्लीलता करता था केरल का प्रिंसिपल; अभिभावकों ने स्कूल में ही की जमकर धुनाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/73062820-1771265373776_m.webpप्रिंसिल द्वारा छात्राओं से अश्लील हरकत करने की सूचना पर स्कूल में जमा नाराज लोगों की भीड़। जागरण
संवाद सहयोगी, बिलासपुर। एक मिशनरी स्कूल का प्रिंसिपल सजा देने के नाम पर कमरा बंद कर छात्राओं से अश्लीलता व छेड़छाड़ करता था। इसकी शिकायत मिलने पर अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह उसे छुड़ाया। इसके बाद अभिभावकों की तहरीर पर आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
सोमवार दोपहर भोट थानाक्षेत्र स्थित आइसीएससी बोर्ड के मिशनरी स्कूल में कई अभिभावक एकजुट होकर पहुंच गए। यहां उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल अरिशेरिल जोसफ की पिटाई शुरू कर दी। हंगामा होने पर स्कूल में भीड़ जुट गई। इस दौरान अभिभावकों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल बच्चों को सजा देने के बहाने अपने कक्ष में बुलाकर उनके साथ अश्लील हरकतें करता है।
बीते मंगलवार को भी इसको लेकर अभिभावकों ने प्रिंसिपल से विरोध जताया था। तब उसने माफी मांग ली थी। इसके बाद शनिवार को आरोपित ने फिर एक छात्रा के साथ अश्लीलता की। इस पर अभिभावकों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार को अभिभावक जब स्कूल पहुंचे तो प्रिंसिपल ने अपनी गलती मानने के बजाय अपने रसूख और पहचान का हवाला देते हुए अभिभावकों से अभद्रता की, जिससे लोग आक्रोशित हो गए और उसकी पिटाई शुरू कर दी।
हंगामे की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अर्जुन त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और आक्रोशित लोगों को शांत कर आरोपित को बाहर निकाला। इसके साथ ही पुलिस ने स्कूल में लगे सीसी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अभिभावकों की तहरीर पर आरोपित प्रिंसिपल के खिलाफ पास्को अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि सीसी कैमरों की जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दर्ज की गई प्राथमिकी की धाराएं जमानतीय होने के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। प्रकरण में आरोपित प्रिंसिपल का पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो उसने अपना मोबाइल स्विच आफ कर लिया।
केरल का रहने वाला है आरोपित
मिशनरी स्कूल का आरोपित प्रिंसिपल अरिशेरिल जोसफ मूलत: केरल का रहने वाला है। वर्ष 2020 में उसकी यहां के स्कूल में नियुक्ति हुई थी। तभी से वह यहां रह रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि प्रिंसिपल नशे की हालत में ड्यूटी करता है। सोमवार को भी उसके पास से शराब की दुर्गंध आ रही थी।
वह शराब का सेवन करने के बाद ही क्लास में घूमता था। अगर कोई मासूम उसे शैतानी करते हुए दिख जाता तो सजा के नाम पर कमरे में ले जाता और अश्लील हरकतें करता था। विरोध करने पर बच्चों की पिटाई भी करता था। घर में शिकायत करने पर कड़ी सजा देने की धमकी देता था।
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