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चायवाला से राहुलवाद तक... चुनाव से ठीक पहले मणिशंकर अय्यर की वापसी, अब क्या करेगी कांग्रेस?

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मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस नेताओं पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की सबसे पुरानी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए चर्चित वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने हालिया टिप्पणियों से पार्टी नेतृत्व को असहज कर दिया है।

उन्होंने राहुल गांधी, जयराम रमेश, शशि थरूर, पवन खेड़ा और केसी वेणुगोपाल पर तंज कसा। अय्यर ने कहा कि वे गांधीवादी और नेहरूवादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं। उन्होंने ये भी जोड़ा कि राहुल गांधी तो भूल गए कि मैं भी पार्टी में हूं।

उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस नहीं जीतेगी क्योंकि कांग्रेस नेता कम्युनिस्टों से कम और आपस में ज्यादा लड़ते हैं। गौरतलब है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत अय्यर के उस बयान के बाद हुई,जिसमें उन्होंने माकपा नेता पिनराई विजयन के फिर से मुख्यमंत्री बनने की घोषणा की।
मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस नेताओं पर तीखे व्यक्तिगत हमले किए

रविवार को केरल में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि आगामी चुनावों के बाद भी विजयन मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। कांग्रेस ने अय्यर की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया और पार्टी नेता पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर का कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है और वे अपनी निजी हैसियत से बोल रहे हैं।

इस पर मणिशंकर अय्यर भड़क गए। सोमवार को अय्यर ने मीडिया से बातचीत में प्रवक्ता पवन खेड़ा को “कठपुतली\“\“ बताते हुए कहा कि वह दूसरों के इशारों पर बोलते हैं और उनके प्रति मेरे मन में कोई सम्मान नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रवक्ता पद पर ऐसी नियुक्ति पार्टी की मूर्खता दर्शाती है। वह केवल जयराम रमेश के इशारों पर बोलते हैं। वह प्रवक्ता न होकर, केवल एक तोता हैं। वहीं महासचिव केसी वेणुगोपाल पर भी उन्होंने तीखा हमला किया और उन्हें “गुंडा\“\“ तक कह डाला। अय्यर ने कहा कि कल्पना करें कि वेणुगोपाल ने वह पद संभाल रखा है, जो कभी सरदार पटेल के पास था।

क्या आप पार्टी की हालत की कल्पना कर सकते हैं। शशि थरूर को निशाने पर लेते हुए उन्होंने तंज कसा कि वह मोदी सरकार में विदेश मंत्रालय पाने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने थरूर को सबसे बड़ा गैरसिद्धांतवादी करियरवादी बताया और कहा कि संप्रग सरकार में मंत्री रहने के बावजूद थरूर कई मौकों पर नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते दिखे हैं।
स्टालिन संभालें आइएनडीआइ गठबंधन

अय्यर ने विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए को मजबूत करने के लिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को सबसे उपयुक्त व्यक्ति बताया। उनका कहना था कि स्टालिन नारेबाजी से दूर रहकर संघवाद और नीतिगत मुद्दों को उठाते हैं और वे राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की राह में बाधा नहीं बनेंगे।

वह \“वोट चोर गद्दी छोड़\“ और \“सूट-बूट की सरकार\“ जैसे नारे भी नहीं देते। केरल चुनाव पर भी अलग रायकांग्रेस के अय्यर के बयान से किनारा करने के बाद भी अय्यर ने सोमवार को दोहराया कि केरल में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नहीं जीतेगी क्योंकि कांग्रेस नेता कम्युनिस्टों से जितनी नफरत करते हैं, उससे कहीं ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं।
कांग्रेस ने अय्यर के बयानों को निजी राय कहकर नकारा

उन्होंने कहा कि उस पार्टी को कौन वोट देगा, जिसमें लोग एक दूसरे का गला काटने के लिए तैयार बैठे हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वह यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत चाहते हैं, लेकिन गांधीवादी होने के नाते उन्हें वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की वापसी की संभावना अधिक दिखती है।

मुख्यमंत्री विजयन अच्छा काम कर रहे हैं। वेणुगोपाल बोले, ये अय्यर की निजी रायअय्यर के बयानों से उठे विवाद के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने खुद को उनसे अलग कर लिया। केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट कहा कि अय्यर की टिप्पणियां उनकी निजी राय हैं और वे फिलहाल पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। वहीं पवन खेड़ा ने कहा कि अय्यर पार्टी में नहीं हैं और ऐसे में मैं उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
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