ग्रेटर नोएडा की सोसायटी में लाइट जाते ही 13 से 7वीं मंजिल पर गिरी लिफ्ट, बुजुर्ग महिला का पैर चार जगह से टूटा
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/Noida-khabar-(89)-1771261214135_m.webpग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईकोविलेज 1 सोसायटी में लिफ्ट दुर्घटना हुई। फोटो- जागरण
जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक ईकोविलेज 1 सोसायटी में लाइट जाने से लिफ्ट 13 वें से सातवीं मंजिल पर जाकर गिरी। लिफ्ट में 65 वर्ष की बुजुर्ग रानी प्रसाद अपने नाती और नातिन के साथ थीं। लिफ्ट गिरने से बुजुर्ग महिला के पैर में चार फ्रैक्चर हुए हैं। घटना के बाद बुजुर्ग को मौके पर व्हीलचेयर तक नहीं मिलीं। जैसे तैसे कर वे अपने घर तक पहुंची। घटना के बारे में बताया। उपचार के लिए अस्पताल ले गए। एक्सरे कराने पर फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।
रीना प्रसाद (65) सुपरटेक ईकोविलेज 1 के एफ 7 टॉवर में अपने परिवार के साथ रहतीं हैं। रीना के पति उमेश्वर प्रसाद ने बताया उनके 11 और सात वर्षीय नातिन और नाती जी 5 टावर में ट्यूशन जाते हैं। सोमवार को शाम करीब पांच बजे रानी प्रसाद नाती नातिन को लेने गईं थी। लिफ्ट से वह दोनों को लेकर लौट रहीं थीं।
दोनों बच्चे बुरी तरह घबराए
13 वीं मंजिल पर जैसे ही लिफ्ट पहुंची इसी दौरान बिजली चली गई। लाइट जाने के बाद लिफ्ट गिरकर सीधे सातवीं मंजिल पर पहुंची। बच्चे और रानी तीनों लिफ्ट के फ्लोर पर गिर गए। किसी तरह तीनों संभले। लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर पहुंची तो रानी उससे बाहर नहीं निकल पा रहीं थीं। दोनों बच्चे बुरी तरह घबराए हुए थे। गार्ड से व्हीलचेयर मांगी तो वो भी टावर में नहीं थी।
रानी बच्चों को संभालते हुए अपने फ्लैट तक पहुंचीं। स्वजन को घटना के बारे में बताया। नजदीकी अस्पताल उपचार के लिए गए तो पैर का एक्सरे कराया। एक्सरे में चार जगह पैर में फ्रैक्चर निकला। पैर पर प्लास्टर कराकर वह अपने घर लौटीं।
आरोप है कि सोसायटी में लिफ्ट समेत जरूरी सुविधाओं का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। लिफ्ट में लोगों के फंसने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। उमेश्वर प्रसाद ने बताया कि अभी थाने में कोई शिकायत नहीं दी गई है।
लिफ्ट एक्ट लागू होने के बाद भी नहीं हो रहा पंजीकरण
जिले में लिफ्ट एक्ट लागू होने के बाद भी पंजीकरण नहीं कराया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से नोटिस देकर खानापूरी की जा रही है। लिफ्ट पंजीकरण में देरी होने के बाद जुर्माने तक नहीं किए गए।
ईकोविलेज 1 सोसायटी में लिफ्ट को लेकर समस्याएं लगातार बनी हुईं हैं। लोगों की ओर से कई बार थाने में शिकायत दी गईं। गौतमबुद्ध नगर में संचालित करीब 90 हजार लिफ्ट में से सिर्फ 10 फीसदी का ही पंजीकरण हुआ है। एक्ट के मुताबिक लिफ्ट और एस्केलेटर का पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
लिफ्ट में था यूपीएस, तकनीकी खामी से गिरी
इकोविलेज एक सोसायटी के 52 टावर में करीब 97 लिफ्ट हैं। सभी में यूपीएस लगे हैं। बिजली जाने पर यूपीएस की मदद से लिफ्ट नजदीकी फ्लोर पर जाकर रुकती है और वहां पर खुल जाती है। बिजली जाने के बाद लिफ्ट गिरने की घटना तकनीकी खराबी से हुई।
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