खरगोन में पुलिस बनी जीवनरक्षक : सड़क किनारे अचेत पड़े राहगीर को CPR देकर बचाई जान
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/khrgn-CPR-2154-1771245819729_m.webpपुलिस ने राहगीर को सीपीआर देकर लौटाईं सांसे, कराया अस्पताल में भर्ती।
डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्य प्रदेश पुलिस को हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए दिया जा रहा सीपीआर प्रशिक्षण अब आम नागरिकों की जिंदगी बचाने में कारगर साबित हो रहा है। खरगोन के सनावद थाना क्षेत्र में पदस्थ पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए एक अचेत राहगीर की जान बचा ली।
थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव के अनुसार, प्रधान आरक्षक गंभीर मीणा और आरक्षक श्रीकृष्ण बिरला एक आरोपित की तलाश में ढकगांव रोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान करीब 50 वर्षीय एक व्यक्ति सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। पास जाकर जानकारी लेने पर पता चला कि मोरटक्का निवासी गणेश पिता रामेश्वर सामेड़िया लघुशंका के लिए रुके थे, तभी संभवतः उन्हें माइनर हार्ट अटैक आया और वे गिर पड़े। उनके साथ मौजूद पत्नी घबराई हुई थीं।
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स्थिति की गंभीरता समझते हुए आरक्षक श्रीकृष्ण बिरला ने बिना देर किए मौके पर ही सीपीआर देना शुरू किया, जबकि प्रधान आरक्षक गंभीर मीणा ने 112 एम्बुलेंस को सूचना देकर मौके पर बुलाया। कुछ ही मिनटों में सीपीआर का असर दिखा और व्यक्ति की सांसें लौटने लगीं।
पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को खतरे से बाहर बताया है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपातकालीन चिकित्सा प्रशिक्षण न केवल पुलिस बल के लिए, बल्कि समाज के लिए भी जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
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