deltin33 Publish time 1 hour(s) ago

जागरण-डिजीकवच अभियान: जयपुर और पटना के लोगों को दी डिजिटल सेफ्टी की ट्रेनिंग

https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/डिजीकवच-अभियान-1771244718872_m.webp

जागरण-डिजीकवच अभियान डिजिटल सेफ्टी की ट्रेनिंग



डिजिटल डेस्क, नोएडा। \“वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा: सच के साथी\“ अभियान के तहत राजस्थान के जयपुर और बिहार के पटना के लोगों के लिए 16 फरवरी 2026 (सोमवार) को वेबिनार आयोजित किए गए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित इस वेबिनार को दैनिक जागरण और विश्‍वास न्‍यूज के सहयोग से गूगल ने अपने प्रतिष्ठित \“डिजीकवच\“ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया।

जयपुर के लोगों के लिए आयोजित कार्यक्रम में विश्‍वास न्‍यूज की डिप्टी एडिटर देविका मेहता ने गूगल और सोशल मीडिया अकाउंट्स को सुरक्षित रखने का तरीका बताया। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड रखकर, अकाउंट्स को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके लिए \“पासकी\“ का इस्तेमाल करना बेहतर होगा, जो फेस स्कैन या फिंगरप्रिंट स्कैन के जरिए होता है।

कार्यक्रम में विश्‍वास न्‍यूज के डिप्टी एडिटर ने लोगों को इन्वेस्टमेंट स्कैम और फेक लोन स्कैम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब कोई फटाफट पैसे देने को कहे तो सतर्क हो जाएं। किसी भी स्कीम में बिना जांच पड़ताल के निवेश मत करें। साथ ही, लोन लेने के लिए आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) की लिस्ट या बैंक के ऐप को चेक करें।

\“संतोष सागर फाउंडेशन\“ के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए संस्थापक अमित पाल सिंह ने कहा कि आज के दौर में जब स्कैमर्स नए-नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं, तब इस तरह के कार्यक्रमों से लोगों को एक \“ढाल\“ मिलती है।
पटना के लोगों के लिए आयोजित कार्यक्रम

पटना के लोगों ने भी सीखे तरीके पटना के लिए आयोजित कार्यक्रम में विश्‍वास न्‍यूज की डिप्टी एडिटर देविका मेहता ने कहा कि मोबाइल के बढ़ते चलन के साथ स्कैमर्स नए-नए तरीकों से लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। फिशिंग लिंक स्कैम भी ऐसा ही एक तरीका है। इसमें साइबर अपराधी फिशिंग लिंक भेजकर लोगों का पर्सनल डेटा चुराते हैं, या उन्‍हें आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
स्कैम के खिलाफ मुहिम

वेबिनार में विश्‍वास न्‍यूज के डिप्टी एडिटर शरद प्रकाश अस्थाना ने स्कैम के प्रकार बताने के साथ ही, उनसे बचने के तरीके भी बताए। उन्होंने कहा कि स्कैमर्स सेलिब्रिटीज के डीपफेक वीडियो बनाकर, लोगों को इन्वेस्ट करने के लिए उकसाते हैं। हड़बड़ी में अगर कोई पैसा लगाने के लिए कहे तो सतर्क हो जाना चाहिए।

\“बी फॉर नेशन\“ के सहयोग से हुए वेबिनार में संस्था के संस्थापक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी पहल हमें एक सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर डिजिटल भविष्य बनाने में मदद करती है। उन्‍होंने बताया कि उनके पास इस तरह के कई पीड़ितों के फोन आते हैं, जिन्हें वह फ्रॉड को रिपोर्ट करने की सलाह देते हैं।
क्या है डिजीकवच?

कार्यक्रम के बारे में \“वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा: सच के साथी\“ अभियान के तहत दैनिक जागरण डिजिटल और विश्वास न्यूज की टीमें देशभर में सेमिनार और वेबिनार के माध्‍यम से ट्रेनिंग दे रही हैं।

इसके तहत देश के 20 राज्‍यों के 30 शहरों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गुजरात के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्‍थान, महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, पंजाब, उत्तराखंड जैसे 20 राज्‍यों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें लोगों को ऑनलाइन स्कैम को पहचानने और उनसे बचने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

गूगल का ‘डिजीकवच’ अभियान भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ लोगों में जागरूकता बढ़ा रहा है। इस अभियान का लक्ष्‍य लोगों को फ्रॉड और स्‍कैम के प्रति जागरूक करना है।

कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी के लिए विजिट करें: https://www.jagran.com/digikavach
Pages: [1]
View full version: जागरण-डिजीकवच अभियान: जयपुर और पटना के लोगों को दी डिजिटल सेफ्टी की ट्रेनिंग