2016 से प्लानिंग, देशभर में हमलों के लिए बनाया नया आतंकी संगठन; दिल्ली धमाका करने वाले डॉक्टरों पर बड़ा खुलासा
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/16/article/image/Delhi-blast-1771211870473_m.webpसफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों ने देशभर में हमलों के लिए बनाया था ‘अंसार इंटरिम’ संगठन। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, जम्मू। दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए धमाके के पीछे बड़ा षड्यंत्र रचा गया था। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों ने जम्मू-कश्मीर समेत देश के प्रमुख शहरों में बड़ी वारदातें करने के लिए अंसार इंटरिम नाम का आतंकी संगठन बनाया था।
दिल्ली धमाका भी इसी षड्यंत्र का हिस्सा था। मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों ने वर्ष 2016 से आतंकवाद पोषक कट्टरपंथी विचारधारा को अपनाया था। इसके बाद मॉड्यूल आतंक की जड़ें मजबूत करने में जुटा था। इसका राजफाश जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया।
मामले की जांच कर रही NIA
मामले की जांच एनआईए कर रही है। मॉड्यूल का सरगना पुलवामा का डॉ. उमर-उन नबी था। उमर ने ही 10 नवंबर 2025 को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से भरी कार को उड़ाया था, जिसमें 10 लोग मारे गए थे। जांच में सामने आया कि उमर ने 2016 और 2018 में भी आतंकी समूहों में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहा।
अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक हुई थी। इसमें मुजम्मिल गनी, उमर-उन नबी, आदिल राथर, मौलवी इरफान और कुछ अन्य साजिशकर्ता शामिल थे। यहीं पर \“अंसार इंटरिम\“ बनाने का फैसला हुआ। अदिल को संगठन का मुखिया (अमीर) और इरफान को उप-मुखिया, मुजम्मिल गनी को खजांची की जिम्मेदारी दी।
जांच में सामने आया कि मॉड्यूल में शामिल आतंकी देश के अन्य हिस्सों में विध्वंसक गतिविधियां चलाने की मंशा के साथ काम कर रहे थे। अंसार शब्द आम तौर पर वैश्विक प्रतिबंधित संगठन अल कायदा से जुड़ा माना जाता है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि सक्रिय आतंकियों से संपर्क टूटने के कारण नए संगठन की जरूरत महसूस हुई। आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए फंड व अन्य सामग्री जुटाने की जिम्मेदारी उमर व गनी को मिली थी।
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राज्य ब्यूरो, जम्मू। दिल्ली में लाल किले के बाहर हुए धमाके के पीछे बड़ा षड्यंत्र रचा गया था। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों ने जम्मू-कश्मीर समेत देश के प्रमुख शहरों में बड़ी वारदातें करने के लिए अंसार इंटरिम नाम का आतंकी संगठन बनाया था।
दिल्ली धमाका भी इसी षड्यंत्र का हिस्सा था। मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टरों ने वर्ष 2016 से आतंकवाद पोषक कट्टरपंथी विचारधारा को अपनाया था। इसके बाद मॉड्यूल आतंक की जड़ें मजबूत करने में जुटा था। इसका राजफाश जम्मू-कश्मीर पुलिस ने किया।
मामले की जांच कर रही NIA
मामले की जांच एनआईए कर रही है। मॉड्यूल का सरगना पुलवामा का डॉ. उमर-उन नबी था। उमर ने ही 10 नवंबर 2025 को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से भरी कार को उड़ाया था, जिसमें 10 लोग मारे गए थे। जांच में सामने आया कि उमर ने 2016 और 2018 में भी आतंकी समूहों में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन नाकाम रहा।
अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक हुई थी। इसमें मुजम्मिल गनी, उमर-उन नबी, आदिल राथर, मौलवी इरफान और कुछ अन्य साजिशकर्ता शामिल थे। यहीं पर \“अंसार इंटरिम\“ बनाने का फैसला हुआ। अदिल को संगठन का मुखिया (अमीर) और इरफान को उप-मुखिया, मुजम्मिल गनी को खजांची की जिम्मेदारी दी।
जांच में सामने आया कि मॉड्यूल में शामिल आतंकी देश के अन्य हिस्सों में विध्वंसक गतिविधियां चलाने की मंशा के साथ काम कर रहे थे। अंसार शब्द आम तौर पर वैश्विक प्रतिबंधित संगठन अल कायदा से जुड़ा माना जाता है।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि सक्रिय आतंकियों से संपर्क टूटने के कारण नए संगठन की जरूरत महसूस हुई। आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए फंड व अन्य सामग्री जुटाने की जिम्मेदारी उमर व गनी को मिली थी।
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