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इंसानियत शर्मसार: बीमारी से जूझ रही युवती को सड़क किनारे बेसहारा छोड़ गया परिवार, मसीहा बने डॉक्टर ने बचाई जान

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धामपुर में श्रीराम सर्वोदय अस्पताल में युवती का उपचार करते चिकित्सक



संवाद सहयोगी, जागरण बिजनौर। गांव मंडोरी निवासी एक युवती को गंभीर बीमारी होने के चलते स्वजन उसे धामपुर में सड़क स्थित नाले के पास छोड़कर चले गए। युवती के पिता एक निजी अस्पताल में मेहनत-मजदूरी करते हैं। बाद में एक समाजसेवी चिकित्सक ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

स्योहारा क्षेत्र के गांव मंडोरी निवासी 21 वर्षीय नीशु पुत्री भूरे पिछले लगभग एक वर्ष से टीबी और खून की कमी की बीमारी से पीड़ित है। आर्थिक तंगी और पारिवारिक हालातों के चलते उसका समुचित उपचार नहीं हो सका। बताया जाता है कि युवती के पिता धामपुर के एक निजी अस्पताल में काम कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहा है।

लेकिन इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ रहा। पीड़िता निशु के मुताबिक उसका भाई नशे का आदी है। शनिवार को उसका भाई उसे इलाज कराने के बहाने घर से ले आया और धामपुर में सड़क किनारे नाले के पास लाचार हालत में छोड़कर फरार हो गया। काफी देर तक सड़क किनारे पड़ी युवती को देखकर राहगीरों की भीड़ जुट गई, लेकिन दुर्भाग्यवश किसी ने तत्काल मदद नहीं की।

बाद में किसी व्यक्ति द्वारा इसकी सूचना समाजसेवी चिकित्सक डॉ. एनपी सिंह को दी गई। उन्होंने मौके पर पहुंचकर उसे अपनी कार से नगीना मार्ग स्थित श्रीराम सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है।

चिकित्सकों के अनुसार युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। लेकिन अब स्थिर बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी स्मृति मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए पीड़िता को हर संभव राहत दिलाने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है तथा पीड़िता के उपचार एवं पुनर्वास को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
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