Haryana Weather: हरियाणा में लगातार बदल रहा मौसम, सुबह छाए बादल और दिन में निकली धूप; किसान चिंतित
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/haryana-weather-(12)-1771177318173_m.webpहरियाणा में लगातार बदल रहा मौसम। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, कैथल। मौसम में लगातार बदलाव आ रहा रहै। सुबह बादल छा रहे हैं और दिन में तेज धूप निकल रही है। पिछले तीन दिनों से पश्चिमी हवा हवा चलती रही। इससे गेहूं की फसल को खासा नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने पानी लगाया हुआ है, वहां पर कई जगह गेहूं की फसल गिर गई। अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री दर्ज किया गया।
आर्द्रता सुबह 95 प्रतिशत और दोपहर को 56 प्रतिशत दर्ज की गई। सात किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवा चली। रविवार सुबह आसमान में बादल छाए हुए थे, तेज हवा चलने से सुबह ठंड लग रही थी। दिन चढ़ने के साथ धूप भी तेज होती गई और हवा भी। पिछले दिनों तापमान अधिक होने से किसानों ने गेहूं की फसल की सिंचाई की हुई है। फसल में बालियां निकल आई हैं और पौधे भारी हो गए हैं।
सिचाई के कारण पौधे की जड़ नरम हो जाती है और ऐसे में हवा के चलते काफी फसल खेतों में गिर गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मुख्य वैज्ञानिक वैज्ञानिक डा.रमेश वर्मा ने बताया कि फसल गिरने से गेहूं के पौधे को पोषक तत्व कम मिलेंगे और ऐसे में बालियों में दाना छोटा बनेगा।
इससे उत्पादन प्रभावित होगा। तापमान अब सामान्य ही बना हुआ है। ऐसे में किसान सिचाई न करें और अगर अधिक जरूरत है तो हल्की सिचाई करें, लेकिन हवा रुकने के बाद ही। अगर हवा रहेगी तो फसल के गिरने का खतरा कम रहेगा।
सुबह-शाम की रह गई ठंड, दिन में चुभने लगी धूप
पिछले एक सप्ताह से ठंड भी कम हो गई है, सुबह और शाम की ठंड रह गई है। दिन में तेज धूप निकल रही है, गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम हल्की ठंड जरूर है, लेकिन दोपहर की धूप चुभने लगी है। बीते ठंड के मौसम में हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत में सर्दी ने लोगों को खूब परेशान किया। अब संकेत मिल रहे हैं कि जिस तरह ठंड तेज रही, उसी तरह इस साल गर्मी भी अच्छी पड़ेगी।
सर्दी-जुकाम, निमोनिया और सांस की बीमारियों से बचाने के लिए उन्हें गर्म कपड़ों पहनाकर रखें
रात ठंड पड़ रही है और दिन की धूप के मिश्रित मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी-जुकाम, निमोनिया और सांस की बीमारियों से बचाने के लिए उन्हें गर्म कपड़ों पहनाकर रखें।
उन्हें प्यास लगने पर गुनगुना पानी पिलाएं। भोजन में हल्दी, अदरक और शहद का प्रयोग करें। सर्दी-खांसी या बुखार होने पर तुरंत डाक्टर से परामर्श लें और खुद से कोई दवाई न लें।
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