12 मिनट 25 सेकंड में 100 सवाल, वो भी 100% सही, मुजफ्फरपुर में अनोखा बच्चा
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/Arthaw-1771176062107_m.webpप्रतियोगिता में तीसरी कक्षा के अथर्व ने परचम लहराया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर में प्रतिभा की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने बड़े-बड़ों को हैरान कर दिया। महज तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले अथर्व ने 12 मिनट 25 सेकंड में 100 गणित के सवाल हल कर दिए वह भी शत-प्रतिशत शुद्धता के साथ।
आईआईटी दिल्ली की नेशनल मैथमेटिक्स प्रतियोगिता में उसके इस अद्भुत प्रदर्शन ने निर्णायकों को प्रभावित किया, जिले का नाम भी रोशन कर दिया। इतनी कम उम्र में ऐसी रफ्तार और सटीकता ने अथर्व को ‘मैथ्स प्रोडिजी’ की पहचान दिला दी है।
आइआइटी दिल्ली की नेशनल मैथमेटिक्स प्रतियोगिता
आइआइटी दिल्ली की नेशनल मैथमेटिक्स प्रतियोगिता में तीसरी कक्षा के अथर्व ने परचम लहराया। वह सकरा के पिपरा विशनपुर गांव का रहनेवाला है। अथर्व के पिता मनु कुमार और मां अमृता कुमारी अधिवक्ता हैं।
बेटे की इस उपलब्धि पर उन्होंने कहा कि अथर्व को गणित में काफी रुचि है। 22 दिसंबर को नेशनल मैथमेटिक्स प्रतियोगिता में अथर्व ने बेहतर प्रदर्शन किया। उसने 12 मिनट 25 सेकंड में 100 सवाल हल किए और वह भी 100 प्रतिशत शुद्धता के साथ।
वह निर्णायक मंडल को काफी प्रभावित किया है। अथर्व वर्तमान में सैमफोर्ड फ्यूचरिस्टिक पब्लिक स्कूल डुमरी में तीसरी कक्षा का छात्र है। वह इससे पहले भी कई रिकार्ड बना चुका है। एक से 100 तक के स्क्वायर मात्र एक मिनट 22 सेकेंड में तथा एक से 100 तक के क्यूब मात्र दो मिनट 33 सेकेंड में लिखने की बात बताई है।
पीजी नामांकन में कई कालेज छात्राओं से ले रहे शुल्क
मुजफ्फरपुर । बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी कोर्स में हुए नामांकन में कई कालेजों ने छात्राओं से नामांकन शुल्क लिया है। इसमें एमडीडीएम कालेज, एलएस कालेज से लेकर आरडीएस समेत अन्य कालेज और पीजी विभाग शामिल है।
पीजी में नामांकन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से जारी पहली मेधा सूची के आधार पर नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। नामांकन समाप्त होने से तीन दिन पहले विश्वविद्यालय की ओर से पीजी नामांकन में सभी वर्ग की छात्राओं से शुल्क नहीं लिए जाने का आदेश जारी किया गया था।
बावजूद इसके बाद हुए तीन दिनों के नामांकन में कालेजों ने इसका अनुपालन नहीं किया है। छात्राओं और स्वजनों की ओर से चालान पर लिए गए शुल्क की जानकारी दी जा रही है। दूसरी ओर मामले को लेकर विश्वविद्यालय ने कहा कि छात्राओं से शुल्क नहीं लिया जाना है। इसके लिए आदेश भी जारी किया जा चुका है
Pages:
[1]