जमुई में 2 दिनों तक थाना में रखकर दारोगा ने युवक को पीटा, परिजनों ने SP से की शिकायत
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/JAMUI-CRIME-NEWS-(15)-1771173461173_m.webpपीड़ित युवक। (जागरण)
संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई जिले के गरही थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा द्वारा दो रात और दो दिन थाना में रखकर अरणमाबांक गांव निवासी अलीमउद्दीन अंसारी के पुत्र महीउद्दीन अंसारी के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया है।
इस मारपीट में महीउद्दीन अंसारी के शरीर के कई हिस्सों पर जख्म के निशान उभर आए हैं। रविवार की दोपहर 02:00 बजे स्वजन द्वारा महीउद्दीन का सदर अस्पताल में इलाज कराया गया। उसके बाद ई-मेल के जरिये एसपी के साथ डीआईजी और गृह विभाग सहित अन्य वरीय अधिकारियों से लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत करने के बाद पुलिस महकमा में हलचल फैल गई। खासकर गरही थाना के कर्मियों के बीच दहशत फैल गई। बताया जाता है कि महीउद्दीन अंसारी का एक शादीशुदा महिला के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिसको लेकर अक्सर दोनों की बातें होती थी और मिलना-जुलना भी होता था।
घायल महीउद्दीन अंसारी ने बताया 11 फरवरी की रात महिला के बुलाने पर वह घर गया और परिवार वाले उसे पकड़ कर शादी करने का दबाव बनाने लगे। जब उसने शादी करने से इनकार किया तो लड़की के परिवार वालों ने पुलिस बुला दी और पुलिस के हवाले कर दिया।
11 फरवरी की देर रात गरही थाना की पुलिस उसे लेकर थाना चली गई, फिर 12 फरवरी को दिन भर और रात भर रखा गया। उसके बाद 13 फरवरी से थानाध्यक्ष द्वारा टार्चर करना शुरू कर दिया गया और उक्त महिला से शादी करने का दबाव बनाया जाने लगा।
जब उसने शादी करने से इनकार किया तो थाना भवन के ऊपर लेजाकर बेरहमी से मारपीट की गई। कई बार रुक-रुककर मारपीट की गई, जिससे दोनों पैर के जांघ और हाथ में गहरे जख्म उभर आए हैं।
मारपीट की जानकारी जब परिवार वालों को हुई तो एसपी को फोन कर सूचना दी गई। इसके बाद 13 तारीख की देर रात उसे छोड़ा गया और थानाध्यक्ष द्वारा किसी से कुछ नहीं बताने की बात कही गई।
शनिवार को स्वजन एसपी को आवेदन देने गए थे, लेकिन एसपी से मुलाकात नहीं पाई। इस बाबत गरही थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा ने बताया कि मामला प्रेम-प्रसंग का है।
लड़की के तरफ से आवेदन आया है। लड़की वालों ने ही युवक को घर में पकड़ा था। थाना में युवक को नहीं रखा गया था। युवक के साथ मारपीट करने का लगाया गया आरोप बिल्कुल गलत है।
मामला मेरे संज्ञान में हैं। थाना से भी जानकारी ली गई है। लड़का को लड़की वाले ही घर में पकड़ा था। हो सकता है कि लड़की वाले द्वारा ही मारपीट की गई हो। सूचना के बाद पुलिस पहुंची थी। लड़का के परिवार वाले थाना नहीं आ रहे थे, जिस वजह से उसे घर जाकर पहुंचाया गया था। लड़की के पक्ष से आवेदन दिया गया था तो लड़का पक्ष के भी लोग मारपीट का आवेदन देना चाहते थे, लेकिन आवेदन नहीं लिया गया, जिस वजह से पुलिस पर ही आरोप लगा दिया गया है। वैसे घटना की जांच फिर से कराई जाएगी।
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विश्वजीत दयाल, एसपी, जमुई
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