कौन हैं वो 60% भाजपाई जो पाला बदलने को हैं बेताब? अलंकार अग्निहोत्री के खुलासे ने बढ़ाई धड़कनें
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/73029696-1771169847776_m.webpलाल फाटक बदायूं रोड स्थित परशुराम धाम मंदिर में समर्थकों से बात करते अलंकार अग्निहोत्री। जागरण
जागरण संवाददाता, बरेली। महाशिवरात्रि के अवसर पर नाथ नगरी पहुंचे निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने लाल फाटक स्थित परशुराम धाम में बाबा महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि अभी मैंने पार्टी बनाने की घोषणा करके अलग-अलग पदों के लिए एक ई-मेल आइडी जारी की है। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों ने आवेदन किया, जिसमें 50 से 60 प्रतिशत भाजपा के वर्तमान पदाधिकारी हैं।
इससे समझा जा सकता है कि भाजपा से लोगों का मोहभंग हो चुका है। 20 से 25 दिनों में नए संगठन का नाम घोषित किया जाएगा। इसकी तैैयारी जोरों-शोरों पर चल रही है। अलंकार ने राजनीतिक दल बनाने के सवाल पर कहा, देश की भावना का सम्मान करते हुए निर्णय लिया जाएगा। भाजपा का कोर वोटर जनरल और ओबीसी उनसे अलग हो चुका हैं।
ऐसे में समय की मांग है राष्ट्र स्तर पर एक नई पार्टी का विकल्प होना। इसके लिए सभी वरिष्ठ साथियों, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता साथियों संग विमर्श चल रहा है, राजनीतिक दल का पूरा खाका तैयार कर 20 से 25 दिन में घोषणा पत्र आदि दस्तावेज संग भारतीय निर्वाचन आयोग में आवेदन किया जाएगा। वह वर्तमान में जहां भी जा रहे हैं, उन्हें समाज के लोगों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।
मोदी ने देश को तोड़ा, \“\“डिवाइड एंड रूल\“\“ का किया काम
आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को तोड़ने का काम किया है। गुजरात में हुए दंगे की धारणा लेकर भाजपा सत्ता में आई। अब उनकी पोल सबके सामने खुल गई है, इसलिए उन्होंने \“\“डिवाइड एंड रूल\“\“ का फार्मूला लगाकर यूजीसी एक्ट जारी किया, ताकि ओबीसी और सामान्य वर्ग के लोग आमने-सामने आ सकें। यह पैंतरा नहीं चल पाया, अब लोग भाजपा की हकीकत जान चुके हैं।
\“\“मैं होता तो रिजाइन दे देता\“\“
अलंकार ने भाजपा में शीर्ष पदों पर आसीन ब्राह्मण नेताओं पर भी निशाना साधा। कहा, जिस राजनीतिक दल ने उनके समाज की भावनाओं का सम्मान नहीं किया, वहां भी कुछ ब्राह्मण सजातीय सफेदपोश बैठे हुए हैं। उन्हें शर्मा आनी चाहिए, उनकी जगह अगर वह होते तो रिजाइन (इस्तीफा) दे देते। ऐसे लोगों की वजह से ही रुचि तिवारी जैसी बेटियों के संग माब लिंचिंग की घटनाएं होती हैं।
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