जबलपुर में 4800 बोतल प्रतिबंधित कफ सीरप जब्त, देहरादून से दमोह जा रही थी खेप, मेडिकल संचालक व डीलर पर FIR
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/cough-syrup-seiged-21564-1771164152568_m.webpकफ सीरप से भरे कार्टून, जिन्हें छापामारी के दौरान जब्त किया गया।
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। क्राइम ब्रांच और माढ़ोताल थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में कटंगी रोड स्थित टाटा शोरूम के पास बड़ी खेप पकड़ी है। वीआरएल ट्रांसपोर्ट परिसर से 40 कार्टून में भरी 4,800 बोतल कोडीन युक्त कफ सीरप जब्त की गई, जिसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जाता है। मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल संचालक और डीलर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
सूचना पर त्वरित दबिश
पुलिस को इनपुट मिला था कि प्रतिबंधित कफ सिरप की बड़ी मात्रा ट्रांसपोर्ट गोदाम में रखी है। सूचना की पुष्टि के बाद क्राइम ब्रांच ने माढ़ोताल पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम के साथ छापा मारा। तलाशी में 40 कार्टून संदिग्ध कफ सीरप बरामद हुआ।
ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों के अनुसार यह खेप उत्तराखंड के देहरादून से हिमांशु झा नामक व्यक्ति ने भेजी थी और डिलीवरी दमोह जिले के जबेरा थाना क्षेत्र के गुबरा स्थित ‘मेसर्स सचिन मेडिकोज’ को होनी थी। मोबाइल पर हुई बातचीत में रिसीविंग 16 फरवरी को तय बताई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई में एक दिन की देरी होती तो खेप निकल सकती थी।
यह भी पढ़ें- शहडोल में गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजना पड़ा महंगा, शिक्षक की पत्नी से डेढ़ लाख की ऑनलाइन ठगी
कोडीन दवा पर सख्त नियम
ड्रग निरीक्षक देवेंद्र जैन ने बताया कि जब्त ‘मैक्का-टस’ कफ सीरप का नशे के तौर पर दुरुपयोग होता है। इसी कारण खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कोडीन युक्त दवाओं के कारोबार पर कड़ी सीमाएं तय की हैं—
[*]बिना डॉक्टर की पर्ची बिक्री प्रतिबंधित।
[*]थोक विक्रेता एक माह में 1,000 बोतल से अधिक नहीं बेच सकता।
[*]फुटकर विक्रेता को महीने में 50 बोतल से अधिक आपूर्ति नहीं।
प्रारंभिक जांच में इन नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर देहरादून स्थित मेसर्स मैक्काक्योर फार्मासिस्ट के हिमांशु झा और गुबरा (दमोह) के मेसर्स सचिन मेडिकोज के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।
Pages:
[1]