गोमतीनगर स्टेशन पर बनेगा GRP थाना, अब मामला दर्ज कराने के लिए नहीं भटकेंगे यात्री
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/GRP-Thana-1771163401905_m.webpजागरण संवाददाता, लखनऊ। पुष्पक एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों के शिफ्ट होने के बाद गोमतीनगर स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में इस स्टेशन पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी को संसाधनाें के अभाव से जूझना पड़ रहा है।
इस स्टेशन पर अब तक जीआरपी चौकी तक नहीं खुल सकी है। रेलवे को छह पत्र भेजने के बाद भी जीआरपी को चौकी के लिए स्थान उपलब्ध नहीं हो सका है। अब जीआरपी ने अपने स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। जीआरपी यहां पहले चौकी बनाएगी और फिर उसे थाने के रूप में अपग्रेड करेगी।
रेलवे लखनऊ जंक्शन के दबाव को कम करने के लिए गोमतीनगर स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ा रहा है। करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से छह प्लेटफार्मों वाले गोमतीनगर स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से विभूतिखंड की ओर बने गोमतीनगर स्टेशन का लोकार्पण किया था। इसके बाद यहां पटना व सहारनपुर की वंदे भारत एक्सप्रेस, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ किया गया।
गोमतीनगर स्टेशन पर किया शिफ्ट
26 जनवरी से पुष्पक एक्सप्रेस और छपरा एक्सप्रेस को गोमतीनगर स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया गया। रेलवे शताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस और एसी डबल डेकर को भी शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। अप्रैल से यात्री सुविधाएं निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। ऐसे में यात्रियों की लगातार संख्या बढ़ने के बावजूद अब तक रेलवे यहां जीआरपी चौकी बनाने के लिए स्थान उपलब्ध नहीं करा सका है।
रेलवे स्टेशन पर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जीआरपी की होती है। जीआरपी पर आने वाले खर्च का आधा राज्य सरकार और इतना रेलवे देता है। गोमतीनगर स्टेशन पर यात्रियों को सामान चोरी, मारपीट या अन्य कोई वारदात होने पर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए लखनऊ या लखनऊ सिटी जीआरपी थाना आना पड़ेगा। वहीं, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी यह एक चूक है।
अब जीआरपी ने गोमतीनगर स्टेशन पर चौकी बनाने के लिए स्वयं ही स्थान चिन्हित किया है। इसकी जानकारी रेलवे को भेजी गई है। संयुक्त सर्वे कराकर जीआरपी यहां अपनी चौकी बनाएगी। एसपी रेलवे रोहित मिश्र बताते हैं कि गोमतीनगर स्टेशन पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी थाना होना जरूरी है।
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यहां पहले चौकी बनायी जाएगी। अब तक रेलवे से चौकी के लिए स्थान आवंटित नहीं हाे सका है। हालांकि जीआरपी ने जो स्थान चिन्हित किया है उस पर रेलवे ने सहमति दे दी है। संयुक्त सर्वे के बाद आवंटन की प्रक्रिया हो सकेगी।
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