MP में शिवपुरी हत्याकांड पर वकीलों में आक्रोश, कल न्यायिक कार्य का बहिष्कार, सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/protest-21548-1771160883102_m.webpशिवपुरी हत्याकांड से वकीलों में आक्रोश (प्रतीकात्मक चित्र)
डिजिटल डेस्क, जबलपुर। शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के विरोध में प्रदेशभर के वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को मध्यप्रदेश के सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर ‘प्रतिवाद दिवस’ मनाएंगे। यह निर्णय रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
इससे पहले मप्र हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार एसोसिएशन और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार ने संयुक्त बैठक कर विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया था।
काले कोट में कोर्ट जाते समय हत्या
करैरा तहसील के अधिवक्ता संजय सक्सेना की 14 फरवरी की दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे काले कोट में अपने घर से कोर्ट के लिए निकले थे, तभी हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन वकील समुदाय इसे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक मान रहा है।
एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट पर निर्णायक लड़ाई
स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता और वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने कहा कि अब एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराने के लिए निर्णायक संघर्ष होगा। काउंसिल ने राज्य सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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चेतावनी दी गई है कि यदि इस अवधि में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो प्रदेश के करीब सवा लाख वकील भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। बैठक के अंत में दिवंगत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
मुआवजा और नौकरी की मांग
बार संगठनों की संयुक्त बैठक में कई मांगें रखी गईं—
[*]मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
[*]एक आश्रित को सरकारी नौकरी।
[*]आरोपितों पर कठोर कार्रवाई।
[*]एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट का शीघ्र क्रियान्वयन।
चीफ जस्टिस को दी सूचना
तीनों बार एसोसिएशनों ने प्रतिवाद दिवस की सूचना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजते हुए आग्रह किया है कि वकीलों की गैरहाजिरी में मामलों को निरस्त न किया जाए। सोमवार दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
वर्षों से लंबित है मांग
हाई कोर्ट बार के पदाधिकारियों का कहना है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग वर्षों से लंबित है। पूर्व में भोपाल में महापंचायत के दौरान आश्वासन भी मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
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