दिल्ली में 45 लाख की ठगी: निवेश के नाम पर एक्स और वॉट्सएप ग्रुप से फंसाकर लूटा; चार जालसाज गिरफ्तार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/fraud-news-(2)-1771161099136_m.webpदिल्ली में 45 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। (सांकेतिक तस्वीर)
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल की टीम ने निवेश में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह के चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक महिला को कानूनन पाबंद किया गया है। आरोपितों ने पीड़ित को स्टाक में निवेश का लालच देकर एक्स और वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा और 45 लाख रुपये 15 ट्रांजैक्शन के जरिए आठ अलग-अलग बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करा लिए और फिर एक्स और वॉट्सएप ग्रुप से निकाल दिया गया।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जीरकपुर, एसएएस नगर, पंजाब के रिशु गर्ग, जैतपुर के अमित गिरी, बीएससी ग्रेजुएट मुंडका के दीपक जून उर्फ विकास और बीएड कर चुके ग्रुरुग्राम, हरियाणा के सुनील कुमार उर्फ यश के रूप में हुई है। इनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड और कई बैंक खातों से जुड़ी अहम जानकारियां बरामद की गई हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है।
मोबाइल पर इंस्टाल करवाई थी फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन
उपायुक्त आदित्य गौतम के मुताबिक, एक पीड़ित से स्टाक में निवेश के बहाने मुनाफा कमाने का भरोसा देकर 45 लाख की ठगी की गई थी। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि जालसाजों ने उससे एक्स और वाट्सग्रुप के जरिए संपर्क किया और उससे मोबाइल पर फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन इंस्टाल करवाई।
आठ अलग-अलग अकाउंट में ट्रांसफर करवाए थे पैसे
जालसाजों ने एक महीने में 15 ट्रांजैक्शन के जरिए आठ अलग-अलग बैंक अकाउंट में पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करवाए। जब शिकायतकर्ता ने बाद में अपना इन्वेस्टमेंट निकालने की कोशिश की तो उसे वॉट्सएप और एक्स पर जोड़े गए ग्रुप से निकाल दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और संबंधित बैंकों से बैंक अकाउंट डिटेल्स और स्टेटमेंट लिए गए, जिससे पता चला कि धोखाधड़ी के पैसे को कई अलग-अलग अकाउंट्स के जरिए भेजा गया था ताकि पैसे निकाले जा सकें।
जांच के दौरान, पता चला कि धोखाधड़ी की गई रकम में से चार लाख जीरकपुर, पंजाब की रेणु गर्ग के बैंक अकाउंट में जमा किए गए थे। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छापे मारे गए और पंजाब से रेणु गर्ग को पकड़ा गया जिसने बताया कि उसका बेटा रिशु गर्ग अकाउंट ऑपरेट करता था। इसके बाद रिशु गर्ग को गिरफ्तार किया गया।
उसने बताया कि उसने बीते वर्ष सितंबर-अक्टूबर के आसपास 25 हजार के बदले विकास को अकाउंट बेचा था। इसके बाद अमित उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया गया, जिसने अकाउंट ट्रांसफर करने और कमीशन लेने की बात स्वीकारी।
इसके बाद दिल्ली के कनाट प्लेस से दीपक को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर ग्रेटर नोएडा से सुनील को गिरफ्तार किया गया, जिसने बताया कि वह मैक्स नामक हैंडलर के साथ टेलीग्राम के जरिए म्यूल अकाउंट और लिंक्ड सर्विसेज के ओटीपी-बेस्ड एक्टिवेशन का इंतज़ाम करता था।
ऐसे करते थे ठगी
पूछताछ में पता चला कि सिंडिकेट ने कई राज्यों में नेटवर्क बनाकर कमीशन पर बैंक खाते खरीदे और उनसे जुड़े सिम कार्ड लेकर पूरा नियंत्रण रखा। पीड़ितों को नकली वॉट्सएप ग्रुप व एक्स हैंडल से फर्जी स्टाक टिप्स और मनगढ़ंत मुनाफे दिखाते थे। इसके बाद पीड़ितों से नकली ट्रेडिंग ऐप इंस्टाल कराकर अधिक निवेश कराते थे। रकम निकालने की कोशिश पर आरोपित संपर्क तोड़कर ऐप बंद कर देते थे।
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