अर्जुन अवॉर्डी राकेश कुमार का छलका दर्द, भर्ती सूची से नाम गायब होने पर सीएम उमर अबदुल्ला से लगाई न्याय की गुहार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/15/article/image/Omar-Abdullah-1771157163373_m.webpपैरालंपिक कांस्य पदक विजेता व अर्जुन अवॉर्डी राकेश कुमार का सीएम से गुहार (फोटो: जागरण)
संवाद सहयोगी, कटड़ा। देश-विदेश में जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन करने वाले विश्व नंबर-1 पैरा आर्चर एवं अर्जुन अवॉर्डी कटड़ा के छोटे से गांव नताली के निवासी राकेश कुमार ने एसओ-12 के तहत जारी 222 भर्ती सूची में अपना नाम शामिल न किए जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को प्रतिनिधित्व सौंपते हुए पारदर्शी समीक्षा की मांग की है।
राकेश कुमार, जो भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक जीत चुके हैं, ने एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को गौरवान्वित किया है। वे 33 अंतरराष्ट्रीय पदक (जिसमें 28 अंतरराष्ट्रीय और 12 राष्ट्रीय पदक का उल्लेख) अपने नाम कर चुके हैं। उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
अपने प्रतिनिधित्व में राकेश कुमार ने कहा कि वे पैरालंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियन गेम्स तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और लगातार उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद एसओ-12 के अंतर्गत जारी 222 नियुक्तियों की सूची में उनका नाम न होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता, मूल्यांकन मानदंड और मेरिट के अनुपालन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को भी नजरअंदाज किया जाएगा तो यह न केवल व्यक्तिगत रूप से आहत करने वाला है, बल्कि प्रदेश के खेल जगत के लिए भी हतोत्साहित करने वाला संदेश है।
राकेश कुमार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 222 भर्ती सूची की पारदर्शी समीक्षा कराई जाए चयन में अपनाए गए मूल्यांकन मानदंड सार्वजनिक किए जाएं उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर उनके मामले पर पुनर्विचार किया जाए उन्होंने कहा कि यह प्रतिनिधित्व केवल व्यक्तिगत हित का मामला नहीं है, बल्कि यह सिद्धांत का प्रश्न है कि वास्तविक खेल उत्कृष्टता को निष्पक्ष रूप से मान्यता और सम्मान मिलना चाहिए। राकेश कुमार ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से न्याय सुनिश्चित होगा और मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी।
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