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हापुड़ में मौसम का मिजाज बदला, अचानक बढ़ी गर्मी से बीपी के मरीजों में वृद्धि

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हापुड़ में मौसम में बदलाव से बढ़ रहे बीपी के मरीज। जागरण



जागरण संवाददाता, हापुड़। मौसम में अचानक हो रहे बदलाव और बढ़ रही गर्मी लोगों की सेहत पर प्रभावित कर रहा है। मौसम में अचानक गर्मी बढ़ने से शरीर का सामान्य संतुलन बिगड़ रहा है। लोगों में उच्च रक्तचाप की समस्या बढ़ रही है।

पिछले चार दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। यह समस्या खासकर उन मरीजों में देखने को मिल रही है, जिन्हें पहले से ही रक्तचाप के बढ़ने की समस्या है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को इस मौसम में खास सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

ठंड के बाद मौसम में अचानक गर्मी बढ़नी शुरू हो गई है। ऐसे में लोगों का शरीर मौसम के इस उतार-चढ़ाव को फिलहाल संतुलित नहीं कर पाया है। जिसके कारण लोगों को खांसी, जुकाम, बुखार समेत उच्च रक्तचाप की समस्या हो रही है।
1758 मरीज पहुंचे सीएचडी

शनिवार को सीएचसी की ओपीडी में दोपहर तक करीब 1758 मरीज पहुंचे। इनमें से 20 प्रतिशत मरीज ऐसे थे, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या थी। इनमें से अधिकांश मरीज ऐसे थे, जिन्हें पहले से हृदय रोग की समस्या और उच्च रक्तचाप की समस्या है। ऐसे मरीजों को ही यह समस्या हो रही है।

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इसके अलावा मरीजों की सिर दर्द, चक्कर आन, अचानक थकान और घबराहट की समस्या हो रही है।

फिजीशियन डा. अशरफ अली ने बताया कि सर्दियों में तो उच्च रक्तचाप की समस्या रहती ही है, लेकिन अब मौसम में बदलाव होने पर ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे भी कई मरीज सामने आए हैं, जिसमें मरीज को बीपी के बारे में जानकारी ही नहीं हैं और मामले में उच्च रक्तचाप की समस्या सामने आ रही है।

जैसे ही मौसम में अचानक बदलाव होता है यह समस्या बढ़ जाती है। मरीज सीने में भारीपन या तेज दर्द, सांस लेने में दिक्कत, पसीना ज्यादा आने की समस्या बता रहे हैं। इसके अलावा सिर दर्द की भी समस्या रहती है।
बीमारी बढ़ने के मुख्य कारण

[*] दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर होने से शरीर खुद को ढाल नहीं पाता।
[*] हवा में बढ़ती धूल, पराग कण और प्रदूषण, जो एलर्जी व दमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।
[*] ठंडी और गर्म हवा का अचानक संपर्क, जिससे सांस की नलियों में सूजन आ जाती है।
[*] अनियमित दिनचर्या और मौसम के अनुसार खानपान में बदलाव न करना।
[*] पहले से रक्तचाप, दमा या एलर्जी की बीमारी होना, इसमें मौसम परिवर्तन ट्रिगर का काम करता है।

बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

[*]मौसम के अनुसार कपड़े पहनें और सुबह व रात में ठंड से बचाव करें।
[*]धूल और प्रदूषण से बचने के लिए बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें।
[*]दमा और एलर्जी के मरीज अपनी दवाएं नियमित रूप से लेते रहें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें।
[*]रक्तचाप के मरीज नियमित जांच कराएं और नमक व तैलीय भोजन से परहेज करें।
[*]पर्याप्त पानी पीएं, संतुलित आहार लें और हल्का व्यायाम दिनचर्या में शामिल करें।


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