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मंडियों में नहीं मिलते थे फसलों के सही दाम, तो हरियाणा के किसान ने शुरू किया यह काम; अब कमा रहे 5-6 लाख रुपये

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हरियाणा के किसान नरेश कुमार ने अचार बनाकर बढ़ाई आय।



सुभाष चंद्र, हिसार। बरवाला के गांव खेड़ी बर्की के रहने वाले नरेश कुमार ने वर्ष 2016 में डेढ़ एकड़ में खेती शुरू की थी, लेकिन मंडियों में फसलों का भाव कम मिलता था। आमदनी कम होने से आर्थिक स्थिति डांवाडोल चल रही थी।

इस बीच वर्ष 2022 में उसने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में साइना नेहवाल प्रशिक्षण केंद्र से आचार बनाने की ट्रेनिंग ली। ट्रेनिंग के बाद घर पर ही पत्नी सुमित्रा देवी के साथ मिलकर आम-नींबू मिक्स, नींबू, व मिर्च का आचार बनाना शुरू किया।
कृषि मिले में अच्छी आमदनी हुई तो बढ़ाया काम

नरेश कुमार ने बताया कि उसने अपने चार प्रकार के आचार को बेचने के लिए हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में वर्ष 2022 में कृषि मिले में स्टाल्स लगाई। वहां पर अच्छी बिक्री हुई। यहां अच्छा मुनाफा मिला तो मन में हौंसला आया कि क्यों ना इसी काम को ओर बढ़ाया जाए।
मदद मिली तो बढ़ाया काम, अब होने लगी लाखों की आमदनी

बताया कि कुछ समय बाद सदलपुर कृषि विज्ञान केंद्र से आचार व मुरब्बे की ट्रेनिंग ली। वहां सेंटर के डायरेक्टर डा. नरेंद्र ने बिजनेस को आगे बढ़ाने में गाइड किया। प्रोडक्ट बनाने व मार्केट में बेचने बारे जानकारी दी। डेढ़ एकड़ में खेती करने के दौरान मंडी में सब्जियां बेचने पर मुश्किल से एक से डेढ़ लाख रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन अब उतनी ही जमीन की पैदावार से बनाए उत्पादों से 4 से 5 लाख रुपये की आमदनी होने लगी है।

बताया कि वे आदमपुर फार्मर एफपीओ से जुड़े है। साथ ही हरियाणा ग्रामीण मिशन का एक ग्रुप महिलाओं का बनाया हुआ है। सुमित्रा देवी महिलाओं के साथ मिलकर उत्पाद बनाने का काम कर रही है। कई संस्थाओं से सुमित्रा देवी सम्मानित हो चुकी है।
यह अवॉर्ड मिले

मार्च 2025 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में कृषि मेले में मुख्यमंत्री ने सुमित्रा देवी को प्रगतिशील किसान का अवॉर्ड दिया। 23 दिसंबर 2025 को किसान दिवस पर नरेश कुमार को प्रगतिशील किसान का अवॉर्ड मिला। वहीं हाल ही में पंजाब के मोहाली में फार्म एंड फूड संस्था की ओर से हार्वेस्टिंग व प्रोसेसिंग श्रेणी में श्रेष्ठ किसान का राष्ट्रीय अवॉर्ड दिया गया।
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